IPL का ये बारहवां संस्करण चालू है. 2008 में जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब जैसी धूम थी आज भी वही है. दर्शकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में भी IPL के लिए ख़ासा उत्साह रहता है. कुछ पर तो ये भी आरोप लगे कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को जल्दी अलविदा कह दिया, ताकी वो IPL खेल सकें.

आरोप से अलग कुछ खिलाड़ी ऐसे भी थे जो रिटायरमेंट ले चुके थे लेकिन IPL खेलने के लिए दोबारा से मैदान में उतरे या रिटायरमेंट लेने के बाद भी IPL में ऐसे खेलते दिखे जैसे उनके अंदर अभी सालों तक क्रिकेट खेलने के क्षमता हो.

1. मैथ्यु हेडेन

Source: sports keeda

इस बायें हाथ के ओपनिंग बल्लेबाज़ का ख़ौफ़ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जैसा था वही ख़ौफ IPL में भी गेंदबाज़ों के लिए बरकरार रहा. 2009 के सीज़न में उनके सिर पर ऑरेंज कैप भी सजा था, 12 मैच में उन्होंने 572 रन बनाए थे. उनका मंगूज़ बैट भी ख़ूब चर्चा में रहा था, जिसकी हैंडल साधारण क्रिकेट बैट से लंबी थी.

2. शेन वॉर्न

Source: sports keeda

साल 2006-07 तक अंतररष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके शेन वार्न 2008 में राजस्थान रॉयल्स के साथ कप्तान के रूप में जुड़े, उनकी टीम को अंडर डॉग माना जा रहा था. लेकिन तज़ुर्बेगार शेन वार्न ने युवाओं की टीम से IPL ट्रॉफ़ी उठवाई, उन्होंने ख़ुद भी 15 मैच में 18 विकेट लिए.

3. माइक हसी

Source: sports keeda

'मिस्टर क्रिकेट' ने साल 2013 में ऑस्ट्रेलिया की ओर से अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच खेला था, उसी साल उन्होंने CSK के लिए कुछ बेहतरीन पारियां खेलीं. 17 मैचों में माइक हसी ने कुल 733 रन बनाए, उस संस्करण में वो सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी थे, उनका व्यक्तिगत उच्च स्कोर 95 रन था.

4. ड्वेन ब्रावो

Source: The SportsRush

इस हरफ़नमौला खिलाड़ी ने पिछले साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास लिया लेकिन ब्रावो ने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ़ टी20 खेला था. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूरी के बावजूद वो लीग मैचों में खेलते रहे, CSK की ओर से भी उन्होंने कई यादगार पारियां खेली हैं. साल 2013 और 2015 में सबसे ज़्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाज़ बने थे.

5. अनिल कुंबले

Source: sports keeda

2008 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके अनिल कुंबले ने अगले साल ही IPL में धमाका कर डाला. RCB जो पिछले संस्करण में पीछे से दूसरे पायदान परखड़ी थी वो 'जंबो' की कप्तानी में सीधे उछल कर आगे से दूसरे पायदान पर आ गई. अनिल कुंबले ने 16 मैचों में 21 विकेट लिए उनकी 5.86 की इकॉनमी भी उस साल Top 10 Wicket Tackers की सूची में सबसे ऊपर थी.

6. एडम गिलक्रिस्ट

Source: sports keeda

इस तूफ़ानी खिलाड़ी ने क्रिकेट की दुनिया को अलग शैली की बल्लेबाज़ी दिखाई, गिल्क्रिस्ट जब IPL के लिए भी खेलने उतरे, तो उनका सिक्का खूब चला, जहां पहले संस्करण में उनकी टीम बुरी तरह विफ़ल रही, वहीं ठीक अगले साल विजेता बन गई. डेक्कन चार्जर्स के लिए उन्होंने 147.82 के स्ट्राइक रेट से 1289 रन बनाए. उन्होंने अपने पूरे IPL करियर में तीन सतक जड़े हैं.

7. मुथैया मुरलीधरन

Source: sports keeda

दुनिया के सबसे सफ़ल गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन साल 2011 तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सक्रिय रहे, लेकिन IPL का करियर साल 2014 तक चला. उनका पहला सीज़न कुछ ख़ास नहीं रहा. उन्होंने 5 मैचों में कुल 2 विकेट लिए. लेकिन अगला सीज़न धांसू रहा, 10 मैच में 15 विकेट वो भी 6.5 की इकॉनमी और 17 के एवरेज़ से.

8. सौरभ गांगुली

Source: sports keeda

दादा जब किसी टीम में मौजूद होते हैं तब, उनका होना भी टीम के लिए काफ़ी होता है. शुरुआत के तीन सीज़न में उन्होंने KKR की अगुवाई की, उसके बाद वो पुणे वॉरियर्स के साथ जुड़ गए. बल्लेबाज के तौर पर साल 2010 उनके लिए बेस्ट साबित हुआ था, उन्होंने 38 के एवरेज से 14 मैचों में 493 रन बनाए थे. तब उन्हें रिटायरमेंट लिए दो साल हो चुके थे.

कुछ क्रिकेटर महंगी शराब की तरह होते हैं, उम्र के साथ बेहतर होते जाते हैं.