हम भारतीयों को क्रिकेट से बेहद प्रेम है. हमारी रगों में ख़ून कम, क्रिकेट ज़्यादा दौड़ता है. मैदान पर जोश भरा माहौल, हर ओवर में लगते चौके-छक्के, बनते व टूटते रिकॉर्ड, क्रिकेट का यही रोमांच फ़ैंस की हार्ट बीट्स को तेज़ करने का काम करता है. हम भारतीयों के लिए क्रिकेट किसी इबादत से कम नहीं है और क्रिकेटर कुछ फ़ैंस के लिए भगवान से कम नहीं.  

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लाला अमरनाथ, विजय हज़ारे और मंसूर अली ख़ान पटौदी की विरासत को सुनील गावस्कर, कपिल देव, मोहिंदर अमरनाथ और यशपाल शर्मा सरीखे खिलाड़ियों ने आगे बढ़ाया. इसके बाद सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, अनिल कुम्बले, जवागल श्रीनाथ, वीरेंदर सहवाग, महेंद्र सिंह, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे ने भारतीय क्रिकेट को बुलंदियों पर पहुंचाया.  

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आज दौर ऋषभ पंत, मोहम्मद सिराज, नवदीप सैनी, टी. नटराजन, वॉशिंगटन सुन्दर, शुभमन गिल और शार्दुल ठाकुर जैसे युवा क्रिकेटरों का है. इन युवाओं ने तमाम मश्किलों का सामना करते हुए टीम इंडिया तक का सफ़र तय किया है. पिछले कुछ सालों में इनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है.  

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आईये जानते हैं टीम इंडिया तक का इनका सफ़र कैसा रहा ? 

1- ऋषभ पंत  

ऋषभ पंत ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत के प्रमुख हीरो रहे थे. उत्तराखंड के हरिद्वार से टीम इंडिया में जगह बनाना ऋषभ के बेहद मुश्किलों भरा सफ़र रहा. पिता राजेन्द्र पंत ने बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया. बेटे के भविष्य के ख़ातिर उन्हें हरिद्वार से रुड़की शिफ़्ट होना पड़ा. ऋषभ को कुछ बड़ा करना था इसलिए उन्होंने दिल्ली में कोचिंग करने का फ़ैसला किया, लेकिन पिता के पास इतने पैसे थे नहीं. इसके बाद ऋषभ रुड़की से रात 2 बजे की बस पकड़ कर दिल्ली आते थे, ताकि 8 बजे के अभ्यास सत्र के लिए दिल्ली पहुंच सके. इस पूरे सफ़र के दौरान उनकी मां साथ होती थीं. 

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2- मोहम्मद सिराज  

हैदराबाद के एक ऑटो ड्राइबर का बेटा मोहम्मद सिराज आज भारतीय टीम की शान है. ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे सिराज का बचपन बेहद ग़रीबी में बीता. बावजूद इसके उनके पिता ने अपने बेटे के सपने को पूरे करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. पिता मोहम्मद गौस ने काफ़ी तंगी और आर्थिक हालात ख़राब होने के बाद भी बेटे को क्रिकेट की महंगी किट दिलाई. अपनी कड़ी मेहनत और माता-पिता के आशीर्वाद से सिराज टीम इंडिया की शान हैं.  

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3- नवदीप सैनी  

टेनिस बॉल से गली क्रिकेट खेलने वाले सैनी को 7 साल पहले तक यक़ीन ही नहीं था कि वो एक दिन क्रिकेटर भी बन पाएंगे. लेकिन भारतीय टीम के पूर्व ओपनर गौतम गंभीर की वजह से भारत आज को ये शानदार गेंदबाज़ मिल पाया है. सैनी ने जब लेदर बॉल से क्रिकेट खेलना शुरू किया, तब उनके पास न तो क्रिकेट की किट थी न हीं अच्छे जूते. मैच के दौरान साथियों से जूते और किट मांगकर खेलते थे.  

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4- टी. नटराजन  

फ़र्श से अर्श तक पहुंचने की कहावत तो सुनी ही होगी आपने. भारतीय टीम के युवा तेज़ गेंदबाज़ टी. नटराजन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है. 5 महीने पहले तक क्रिकेट फ़ैंस शायद ही इस नाम से वाक़िफ़ हों, लेकिन आज नटराजन को एक गेंदबाज़ के तौर पर पूरी दुनिया जानती है. तमिलनाडु के एक छोटे से गांव से टीम इंडिया में जगह बनाने वाले नटराजन के पिता, कुली जबकि मां सड़क किनारे ठेले पर पकोड़े बेचती थीं. नटराजन भारत के पहले ऐसे क्रिकेटर हैं जिन्होंने एक दौरे पर ही क्रिकेट के तीनों फ़ॉर्मेट में डेब्यू किया है.  

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5- वॉशिंगटन सुन्दर  

21 साल का ये युवा स्पिनर आज टीम इंडिया का अहम खिलाड़ी बन चुका है. सुन्दर जब महज 4 साल के थे तब परिवार को पता चला कि वो एक कान से सुन नहीं सकते हैं. परिवार ने उनका कई अस्पतालों में इलाज भी कराया, लेकिन फिर पता चला कि ये बीमारी ठीक नहीं हो सकती. सुन्दर, साल 2018 में श्रीलंका में खेली गई 'निदहास ट्रॉफ़ी' के दौरान 18 साल की उम्र में 'मैन ऑफ़ द सीरीज़' बनने वाले भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं.  

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6- शार्दुल ठाकुर  

ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे शार्दुल ठाकुर ने बड़ी मुसीबतों के साथ क्रिकेट की शुरुआत की थी. वो क्रिकेट खेलने के लिए पालघर से रोजाना लोकल ट्रेन में लटककर मुंबई जाते थे. सुबह 7.30 बजे मैदान पर पहुंचने के लिए उन्हें रोजाना सुबह 3.30 बजे उठना पड़ता था और 4 बजे की लोकल ट्रेन पकड़नी होती थी. शार्दुल आज टीम इंडिया के लिए तीनों फ़ॉर्मेट के अहम खिलाड़ी बन चुके हैं.  

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7- शुभमन गिल  

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ आख़िरी टेस्ट में बतौर ओपनर शुभमन ने 91 रनों की शानदार पारी खेली थी. 21 वर्षीय शुभमन का जन्म पंजाब के एक छोटे से गांव फ़ज़िल्का में हुआ था. पिता लखविंद्र सिंह ने बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया. बेटा बड़ा क्रिकेटर बने इसलिए पिता अपना काम काज छोड़ शुभमन को चंडीगढ़ ले आये.  

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इनमें से कौन सा युवा क्रिकेटर आपका फ़ेवरेट है?