भारत के दो वर्ल्ड कप जीत के हीरो रहने वाले पूर्व सलामी बल्लेबाज़ गौतम गंभीर ने क्रिकेट के सभी फ़ॉर्मेट से संन्यास ले लिया है. गंभीर ने बीते मंगलवार अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो संदेश के ज़रिये भावुक होकर अपने संन्यास की घोषणा की.

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इस दौरान गंभीर ने कहा ‘ज़िंदगी में कड़े फ़ैसले हमेशा ही भारी मन से लिए जाते हैं. भारी मन से मैं आज वो फ़ैसला लेने जा रहा हूं, जिसको लेने के ख़्याल मात्र से ही मैं ज़िंदगी भर डरता रहा. मेरे लिए संन्यास लेने का ये सही समय है. देश के लिए 15 साल से भी अधिक समय तक क्रिकेट खेलने के बाद मैं इस ख़ूबसूरत खेल को अलविदा कहना चाहता हूं.’

गंभीर ने कहा ‘आंध्र प्रदेश के साथ होने वाला रणजी ट्रॉफ़ी मुक़ाबला मेरे करियर का आख़िरी मैच होगा. सबसे ख़ास बात ये है कि मैंने जिस मैदान से क्रिकेट की शुरुआत की थी उसी कोटला स्टेडियम पर मैं अपनी पारी का अंत करूंगा.’

गौतम अगर किसी चीज़ के लिए जाने जाते हैं, तो वो है 2011 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में खेली गई 97 रनों की यादगार पारी. भले ही उनकी ये शानदार पारी धोनी के मैच जिताऊ 91 रन के कारण कहीं दब सी गई थी, लेकिन गौतम ने टीम को उस वक़्त संभाला जब टीम को उनकी ज़रूरत थी. उनकी वो पारी किसी शतक से कम नहीं थी. गंभीर ने साल 2007 T- 20 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में भी 75 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी. 

मैदान हो या फिर मैदान से बाहर, गौतम गंभीर हमेशा से ही अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते रहे हैं. सिर्फ़ बेबाक़ी के लिए ही नहीं, गौतम अपने सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं. गौतम ने ‘उरी अटैक’ में शहीद हुए सभी जवानों के बच्चों की लाइफ़टाईम पढ़ाई का जिम्मा भी उठाया है.

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गंभीर ने 147 वनडे मैचों में 39.68 की औसत से 5238 रन बनाए. जिसमें 11 शतक भी शामिल हैं. वहीं 58 टेस्ट मैचों में 41.95 की औसत से 4154 रन बनाए, जिसमें नौ शतक शामिल हैं. 37 साल के गंभीर ने भारत के लिए अपना पहला मैच 11 अप्रैल, 2003 को बांग्लादेश के ख़िलाफ़ खेला था. जबकि आख़िरी मैच साल 2016 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ राजकोट में खेला था.

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गंभीर आईपीएल में ‘कोलकाता नाइट राइडर्स’ को साल 2012 और 2014 में कप्तान के तौर पर चैम्पियन बना चुके हैं. गंभीर साल 2007 में ICC नंबर वन T20 बल्लेबाज़ और साल 2009 ICC नंबर वन टेस्ट बल्लेबाज़ भी बन चुके हैं. 

Source: timesnownews