कल हुए इंडिया-बांग्लादेश के मैच को इंडियन टीम ने जीता, लेकिन दर्शकों का दिल तो एक 87 वर्षीय दादी ने जीत लिया है. इनका नाम है चारुलता पटेल, जो इंडियन क्रिकेट टीम को चीयर करने स्टेडियम में पहुंची थीं. उनके उत्साह के आगे स्टेडियम में पहुंचे युवाओं का जोश भी फ़ेल होता दिखाई दे रहा था. वो भारतीय टीम को सपोर्ट करने के लिए चेहरे पर तिरंगे का टैटू बनवा कर और हाथों भोंपू लेकर पहुंची थी. इन्हें देखकर सभी यही कह रहे थे फ़ैन हो तो ऐसा.

Source: Twitter

इस मैच को जीतने के बाद भारतीय टीम वर्ल्ड कप 2019 के सेमी-फ़ाइनल में पहुंच गई है. पर ये मैच हमेशा के लिए चारुलता जी के लिए ही याद किया जाएगा. स्टेडियम में जिस जोशो-ख़रोश के साथ टीम इंडिया को सपोर्ट कर रही थीं, वो नज़ारा शायद दर्शकों ने पहली बार देखा होगा.

ये भी पढ़ें: भारत और बांग्लादेश का मैच सिर्फ़ रोमांचक ही नहीं था, इसमें टोकरी भर के रिकॉर्ड्स भी बने

Source: Twitter

स्टेडियम में, कमेंट्री बॉक्स में, न्यूज़ चैनल्स पर, सोशल मीडिया पर सब जगह बस उन्हींं की ही बात हो रही थी. ट्विटर वाले तो उनके फ़ैन हो गए हैं. आप भी देखिए:

मगर आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आज से 36 साल पहले जब भारतीय टीम ने 1983 में पहली बार वर्ल्ड कप जीता था, तब भी चारुलता जी लॉर्ड्स के मैदान में मौजूद थीं. इससे पता चलता है कि वो इंडियन क्रिकेट की कितनी बड़ी फ़ैन हैं.

Source: Twitter

ये भी पढ़ें: इंडिया को सपोर्ट कर रहीं 87 साल की Cool दादी की ये 12 फ़ोटोज़ बता रही हैं कि उम्र केवल एक नंबर है

भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली भी मैच के बाद उनसे मिलने पहुंचे थे. उन्होंने ट्विटर पर उनकी एक प्यारी सी तस्वीर भी शेयर की है.

चारुलता जी ने एएनआई से बात करते हुए कहा- 'जब कपिल पाजी ने वर्ल्ड कप जीता था तब भी मैं मैदान में मौजूद थी. जब भी भारतीय टीम इंग्लैंड में खेलने आती है, मैं हमेशा ईश्वर से उनकी जीतने की प्रार्थना करती हूं. मैं गणेश भगवान की भक्त हूं. मुझे लगता है कि इस बार का वर्ल्ड कप इंडिया ही जीतेगी. मैं सभी खिलाड़ियों को आशीर्वाद देती हूं. मुझे उम्मीद है कि वो अपना ध्यान रखेंगे और टीम इंडिया को जिताएंगे.'

Source: twitter

कुछ लोगों का कहना है कि 1983 में भी वो मौजूद थीं और 2019 में भी टीम इंडिया को सपोर्ट कर रही हैं. शायद इस बार भी वो इंडिया के लिए लकी साबित हो जाएं और इंडिया तीसरी बार वर्ल्ड कप जीत जाए.