जब भारतीय क्रिकेट टीम साल 2007-08 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी, तब अनिल कुंबले उस टीम के कप्तान हुआ करते थे. ऑस्ट्रेलिया टीम तब सभी टीमों को एकतरफ़ा रौंदती थी. खेल के हर खेमे में उसका सिक्का चलता था, विपक्षी टीम उनकी स्लेजिंग से भी ख़ौफ़ खाती थी.

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उस दौर को याद करते हुए जब अनिल कुंबले से पूछा कि जब आप ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ खेलते थे, तब कैसे स्लेजिंग का सामना करते थे और एकाग्रता हासिल करते थे. इस पर लेग स्पिनर खिलाड़ी का जवाब हैरान करने वाला था.

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अनिल कुंबले ने कहा, 'नहीं, मुझे बहुत याद नहीं. मुझे इतना याद है कि लोग कहते थे,'अगर आप शेन वॉर्न के दोस्त हैं, तो आपकी कभी स्लेजिंग नहीं होगी'... और मैं शेन वार्न का दोस्त था, इसलिए मेरी स्लेजिंग नहीं हुई.''

कुंबले ने ये भी कहा कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ गेंदबाज़ी करने में मज़ा आता था. वो दुनिया की सबसे मज़बूत टीम थी, उनके सामने खेलना चैलेंज की तरह होता था. भारतीय टीम के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, 'मेरी खुशकिस्मती है कि मुझे सचिन, सहवाग, लक्ष्मण, राहुल और गांगुली के ख़िलाफ़ बॉलिंग करने के बारे में नहीं सोचना पड़ता था क्योंकि वो मेरी टीम में ही थे.'