आख़िरकार दुनिया को 23 साल बाद नया विश्व चैंपियन मिल ही गया है. कल लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए फ़ाइनल मुक़ाबले में मॉर्गन की सेना ने विलियम्सन के लड़ाकों को मात देकर पहली बार वर्ल्ड कप की ट्रॉफ़ी अपने नाम की.

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सुपर ओवर तक गए इस बेहद रोमांचक मुक़ाबले में फ़ैंस आख़िर तक ये सोचने पर मजबूर थे कि जीत कौन रहा है. क्योंकि सुपर ओवर में भी मैच बराबरी पर छूटा. लेकिन पूरे मैच में ज़्यादा बाउंड्री लगाने के कारण इंग्लैंड को विजेता घोषित किया गया.

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एक फ़ैंस के तौर पर मैंने आज तक वर्ल्ड कप में इतना रोमांचक मुक़ाबला कभी नहीं देखा. इंग्लैंड ने अपनी किस्मत से वर्ल्ड कप जीता, तो न्यूज़ीलैंड ने अपने शानदार खेल से फ़ैंस का दिल.

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क्या था मैच का टर्निग पॉइंट?

मैच का टर्निग पॉइंट था मार्टिन गप्टिल का थ्रो. इंग्लैंड को आख़िरी ओवर में 15 रनों की ज़रूरत थी. आख़िरी ओवर करने आये थे ट्रेंट बोल्ट. सामने थे इंग्लैंड की जीत के हीरो बेन स्टोक्स. पहली दो गेंदों पर कोई रन नहीं बने. तीसरी गेंद पर स्टोक्स ने 6 जड़ दिया. अब इंग्लैंड को 3 गेंदों में 9 रनों की ज़रूरत थी.

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अगली गेंद पर स्टोक्स ने एक बड़ा शॉट खेला, इस दौरान उन्होंने पहला रन तेज़ी से पूरा किया. जैसे ही वो दूसरे रन के लिए भागे बाउंड्री से मार्टिन गप्टिल ने विकेटों की ओर थ्रो फेंका, लेकिन गेंद विकेटों पर लगने से पहले ही स्टोक्स के बल्ले से लगकर चौके के लिए बाउंड्री के बाहर चली गयी. इस हिसाब से इंग्लैंड को एक गेंद पर 6 रन मिली. यही मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.

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इसके बाद इंग्लैंड को 2 गेंदों पर 3 रन बनाने थे. लेकिन पांचवी गेंद पर 2 रन चुराने के चक्कर में आदिल राशिद रन आउट हो गए और इंग्लैंड को एक ही रन मिला. अब इंग्लैंड को 1 गेंद पर 2 रन बनाने थे, लेकिन स्टोक्स सिर्फ़ एक ही रन बना पाए और मैच सुपर ओवर तक पहुंच गया.

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कुल मिलकार कल के मुक़ाबले में न्यूज़ीलैंड से ज़्यादा किस्मत तो मार्टिन गप्टिल की ख़राब थी. बदकिस्मती से पहले स्टोक्स को 2 के बजाय 6 रन दे दिए. फिर सुपर ओवर में जब टीम को आख़िरी गेंद पर दो रनों की ज़रूरत थी उस वक़्त वो रन आउट हो गए. ऊपर से पूरे टूर्नामेंट में फ़्लॉप रहे.

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मार्टिन गप्टिल वही हैं, जिन्होंने सेमीफ़ाइनल में धोनी को रन आउट करके भारत को वर्ल्ड कप से बाहर का रास्ता दिखाया था.

सोशल मीडिया पर फ़ैंस गुप्टिल को कर रहे हैं ट्रोल-

केन विलियम्सन को 578 रन बनाने और शानदार कप्तानी के लिए 'प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट' का ख़िताब दिया गया.