हम सब बचपन से यही सुनते आए हैं कि 'दिल्ली दिल वालों की है', लेकिन बीते मंगलवार को पश्चिमी दिल्ली में हुई घटना जानने के बाद कोई नहीं कहेगा कि दिल्ली दिल वालों की है.

मानवता को शर्मसार देने वाली ये वारदात पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके की है, जहां चाकूओं से गोद-गोद कर एक युवक की हत्या कर दी गई. वारदात को अंजाम देने के बाद और युवक को मरा हुआ समझकर, हमलावर घटनास्थल पर ही चाकू छोड़कर फ़रार हो गए, जिसमें एक छुरा युवक के सीने में फंसा रहा, जबकि दूसरा चाकू पास ही में पड़ा हुआ था.

खून से लथपथ युवक को देखकर वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई. अपनी ज़िंदगी की अंतिम सांसें गिनता हुआ तड़पता युवक, सड़क पर तमाशबीन बने लोगों से पानी की गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने उसकी मदद करना तो दूर पानी पिलाना भी उचित नहीं समझा. हद तो तब पार हो गई, जब सड़क पर तमाशबीन बने लोग, ज़िंदगी और मौत के बीच जूझते युवक का वीडियो बनाने लग गए.

वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और युवक को अस्पताल ले जाया गया. इलाज मिलने में देरी होने के कारण युवक ने अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया. वहीं पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर, छानबीन शुरू कर दी है. बीते बुधवार को पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ़्तार भी किया है.

वारदात पर बातचीत करते हुए DSP विजय सिंह ने बताया, 'मृतक अकबर अली विष्णु गार्डन का रहने वाला था. जांच में पाया गया कि पीड़ित मृतक पर पहले से ही स्नैचिंग और छेड़छाड़ जैसे मुकदमें दर्ज हैं. अकबर पेशे से बेल्डिंग का काम करता था. पकड़े गए आरोपियों में ख्याला जेजे कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय मोहम्मद सुभान और 24 वर्षीय मोहम्मद अफज़ल के रूप में हुई है, आरोपी भी वेल्डर हैं. हालांकि, आरोपियों पर पहले का कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है.'
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया, 'आए दिन अकबर डरा धमका कर जबरन वसूली करता था और मना करने पर हाथापाई पर उतर आता था.'

वहीं पुलिस इसे अवैध संबंधों से भी जोड़ कर देख रही है. मृतक के परिजनों का आरोप है कि इस वारदात को पांच लोगों ने मिलकर अंजाम दिया है. अकबर को चाकुओं से गोदने से पहले उसकी आंखों में मिर्च पाउडर भी डाला गया था, उसने आसपास मौजूद लोगों से मदद की अपील की, लेकिन लोगों ने उसकी बात को अनसुना कर दिया.

Source : indianexpress