प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और सरकार द्वारा व्यापार के अवसर उप्बध कराने की वजह से देश में स्टार्टअप कंपनियों को बढ़ावा मिला है. इन स्टार्टअप के आने से जहां एक ओर देश में विदेशी मुद्रा का आयात हुआ है, वहीं दूसरी ओर लोगों को भी रोजगार उपलब्ध होने के साथ ही कई ऐसे विकल्प सामने आये, जिसने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लोगों का जीवन स्तर को सुधारा.

स्टार्टअप्स की दौड़ में एक ऐसा ही स्टार्टअप सामने आया, जिसका मकसद उन लोगों के बारे में सोचना था, जो सारे देश के बारे में सोचता है. दरअसल, EM3 AgriServices नाम की एक कंपनी किसानों को वो सामान मुहैया करवा रही है, जिसे खरीदना ज़्यादातर भारतीय किसानों के लिए नामुमकिन-सा है.

इस कंपनी का उद्देश्य साफ़ और स्पष्ट है कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उन्हें कृषि से जुड़े ऐसे उपकरण किराये पर उपलब्ध कराना, जो उनकी पहुंच से बाहर है. इसमें ट्रेक्टर से ले कर महंगे थ्रेशर, हार्वेस्टर और दूसरी मशीनी चीज़ें शामिल हैं. इन्हें किसान घंटे या ज़मीन के एकड़ के हिसाब से ले सकता है.

EM3 के फ़ाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर रोहताश मल का कहना है कि 'अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले भारतीय किसानों के पास ज़मीन का केवल 1% हिस्सा है, जिसकी वजह से उनके लिए खेती में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना काफ़ी महंगा साबित होता है.'

भारतीय किसानों का स्तर सुधारने के लिए 63 वर्षीय रोहताश मल ने अपने बेटे अद्वितीय के साथ मिल कर इस क्षेत्र में कदम रखा. इस कंपनी का मकसद कृषि मशीनों की वजह से किसानों पर पड़ने वाले आर्थिक दवाब को ख़त्म करना था.

रोहताश कहते हैं कि 'टेक की दुनिया में हर दिन कुछ न कुछ नया हो रहा है, पर कृषि को ले कर ऐसा कोई काम पहले नहीं हुआ है. हमारा उद्देश्य सामान बेचना नहीं, बल्कि सेवा करना है.'

Uber की तरह ऑनलाइन काम करने के बजाय ये कंपनी ऑफ़लाइन काम करती है. इसके लिए कस्टमर डाटा का इस्तेमाल किया जाता है. रोहताश का कहना है कि 'हमारे ज़्यादातर किसान इंटरनेट और स्मार्ट फ़ोन से दूर हैं. ऐसे में खुद हमें ही उनके पास पहुंचना है, जिसके लिए हमें ग्राउंड लेवल पर ही काम करना है.'

इसके लिए कंपनी कॉल सेंटर चलाती है, जहां किसानों और मशीन उपलब्ध कराने वाले लोग सम्पर्क कर सकते हैं. इसके अलावा कंपनी के अधिकारी गांव में जा कर स्थानीय प्रतिनिधियों से भी सम्पर्क करते हैं.

ये कंपनी अभी मध्य भारत में अपना ध्यान केंद्रित किये हुए है, जिसके 10 सर्विस सेंटर की पहुंच 8,000 से ज़्यादा लोगों तक है. रोहताश कहते हैं कि 'हम लोग हर मौसम और हर फसल के अनुरूप मशीने उपलब्ध करा रहे हैं.'

हाल ही में कंपनी ने राजस्थान सरकार के साथ एक पार्टनरशिप डील साइन की है, जो कृषि के लिहाज़ से खुद एक बहुत बड़ा क्षेत्र है. किसानों को मदद पहुंचाने के साथ ही कंपनी अच्छा कारोबार भी कर रही है. Global Innovation Fund और VC Firm Aspada इस कंपनी में पैसे इन्वेस्ट करने के आगे आये हैं. उनका उद्देश्य कंपनी की पहुंच को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचना है.

सच कहें, तो आज जब अधिकतर कंपनियों का उद्देश्य सिर्फ़ पैसा कमाना है. ऐसे EM3 एक आशा की किरण की तरह दिखाई देती है, जो देश के अन्नदाता की मदद को आगे आई है.

Source: techcrunch