घूमने-फिरना किसे पसंद नहीं होता है, हर कोई दुनिया की नई-नई जगहों को देखना चाहता है. शायद इसीलिए जैसे ही लोगों को अपनी बिज़ी लाइफ़ से टाइम मिलता है, वो निकल पड़ता है घूमने के लिए, कभी दोस्तों के साथ तो कभी फ़ैमिली के साथ. लेकिन ऐसे में कई बार वो लोग कहीं नहीं जा पाते हैं, जो या तो शारीरिक या फिर मानसिक रूप से सक्षम नहीं होते. और ऐसे ही लोगों के लिए है ही शुरू हुआ है ऐसा स्टार्टअप, जो अपने नए और यूनिक बिज़नेस मॉडल की वजह से ख़ासा लोकप्रिय हो रहा है. इस स्टार्टअप का नाम है 'Enable Travel'.

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Enable Travel ऐसे लोगों की मदद करने के लिए शुरू किया गया है, जो शारीरिक या फिर मानसिक रूप से सक्षम नहीं हैं और सामान्य लोगों की तरह छुट्टियों का मज़ा नहीं ले पाते हैं. देबोलीन सेन, Enable Travel के प्रमोटर हैं और इस कंपनी को Cox & Kings की मदद से स्थापित किया गया है. इसके अलावा इस स्टार्टअप का प्रमोशन 'इंडिया के पहले Accessible Holiday Specialist के रूप में किया जाता है.

Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, स्टार्टअप के शुरूआती दौर में आने वाली सभी चुनौतियों पर काबू पाने के बाद अभी तक ये लगभग 110 यात्रियों को देशाटन के लिए भेज चुका है, इसके अलावा आने वाले महीनों में करीब 68 लोगों को अभी भेजा जाना है. हो सकता है कि ये आंकड़ा सुनने में कम लगे लेकिन कंपनी का मानना है कि ब्रह्मांड काफ़ी बड़ा है.

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भारत में 'अक्षम' के रूप में वर्गीकृत 27 मिलियन व्यक्तियों में से भले ही 1% यात्रा शुरू करने का चुनाव करें, वो सभी Enable Travel के लिए टारगेटेड कस्टमर बन जाते हैं. और वो इन 2,70,000 लोगों को आकर्षित करने का लक्ष्य रखते हैं, इनमें विदेशी यात्री भी शामिल होते हैं, जो उनके ट्रेवल प्लान्स को खरीद सकते हैं.

Enable Startup दिव्यांग व्यक्तियों के लिए ऐसा पैनल बनाने की व्यवस्था करते हैं, जो यात्रा के दौरान अक्षम व्यक्तियों के सामने आने वाली चुनौतियों के समय उनका मार्गदर्शन कर सकें. इसके साथ ही ये अपने यात्रियों को टॉप टूरिस्ट प्लेसेस पर घुमाते हैं. इस पैनल ने अलग-अलग लोकेशंस का दौरा किया और शहरों, होटल्स के अलावा और अन्य रोचक जगहों को सूचीबद्ध किया, जो दिव्यांगों के अनुकूल हैं, इन सभी जगहों को Enable ने अपने ग्राहकों को देने वाले ऑफ़र्स में शामिल किया. ये स्टार्टअप ऐसे लोगों के लिए है, जो व्हीलचेयर पर चलने को बाध्य हैं, जो देख नहीं सकते या फिर जो बोल-सुन नहीं सकते हैं.

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जयपुर, कोच्चि, दिल्ली और कूर्ग कुछ ऐसे स्थान हैं, जहां ये स्टार्टअप ऑपरेट करता है, और इसमें कोई शक़ नहीं है कि दिन जगहों की इस लिस्ट में आगे जाकर और विस्तार होगा. एक बार पर्यटन और यात्रा उद्योग इसकी संभावनाओं को परख ले कि इससे टूरिज़्म में कितना फायदा हो सकता है, तो वो निश्चित रूप से उन सभी संशोधनों को सुनिश्चित करेंगे, जो दिव्यांगों के लिए यात्रा के दौरान ज़रूरी होंगी. वो सभी सेवायें और सुविधाएं अपनी कंपनी के ज़रिये उनको देना चाहते हैं.

अब तो Enable के प्रतिद्वंदी भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि Enable Travel ने ट्रेवल बिज़नेस में अपनी एक ख़ास जगह बना ली है और वो इस स्टार्टअप का एक उज्जवल भविष्य देखते हैं.

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