लाइफ़ में कई मौके ऐसे आते हैं जब हमें पुलिस थाने जाकर FIR दर्ज करवानी पड़ती हैं, लेकिन कुर्सी पर बैठे पुलिसकर्मी हमारी शिकायत दर्ज करने से मना देते हैं. पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई तरह के मामले के सामने आए हैं, जहां पुलिसकर्मियों ने ज़रूरत पड़ने पर नागरिकों की शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया, जिस कारण लोगों को काफ़ी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा.

अब हम बताते हैं कि अगर आपके साथ भी कभी ऐसा हो तो, उस वक़्त आप क्या कर सकते हैं.

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अगर कभी पुलिस का कोई अधिकारी आपकी शिकायत दर्ज करने से मना कर दे, तो ऐसे समय में आप अपने निकटम न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास एक लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं. मजिस्ट्रेट मामले की गंभीरता को देखते हुए, अधिकारी को तुरंत मामले की FIR दर्ज कर उसकी जांच के आदेश देगा. ऐसे में आप E-Filing का रास्ता भी चुन सकते हैं. वहीं मामले की शिकायत दर्ज होने के बाद पीड़ित को प्रमाणिक रसीद भी दी जाएगी.

कितने प्रकार के होते हैं अपराध:

1. कोई भी पुलिस अधिकारी किसी भी केस की शिकायत तभी दर्ज करता है, जब वो मामला उसके थाने के अंतर्गत आता हो. अगर कभी किसी अधिकारी के पास ऐसे अपराध कि सूचना आती है, जो उसके थाने के अंतर्गत नहीं आता, तो वो मामले की शिकायत दर्ज करने से मना कर सकता है.

2. कानून के अनुसार, अपराध के दो श्रेणी में रखा गया है, पहला संज्ञेय (Cognizable Offence)और दूसरा गैर-संज्ञेय (Non- Cognizable). किसी भी संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence)की शिकायत मिलने पर पुलिस मामले की FIR दर्ज कर लेती है, जबकि गैर-संज्ञेय (Non- Cognizable).मामले में शिकायत दर्ज कराने के लिए आपको ज़िला मजिस्ट्रेट का लिखित आदेश प्राप्त करना होता है.

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3. संज्ञेय अपराधों की सूची में बलात्कार, दंगे, डकैती या लूट और हत्या जैसे गंभीर मामले आते हैं. वहीं गैर-संज्ञेय अपराधों में जालसाज़ी, सार्वजनिक उपद्रव, धोखाधड़ी शामिल है, ऐसे मामलों में पुलिस किसी भी व्यक्ति को बिना Warrant के गिरफ़्तार नहीं कर सकती.

4. अगर कोई पुलिस अधिकारी धारा 154 (3) के तहत संज्ञेय अपराध की FIR दर्ज करने से इंकार करता है, तो ऐसे में कोई भी व्यक्ति संबंधित मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक को भेज सकता है. अगर वरिष्ठ अधिकारी इस बात से सहमत होता है कि ये एक संज्ञेय अपराध है, तो वो केस अपने हाथ में ले सकता है या फिर किसी पुलिस अधिकारी को केस की जांच के निर्देश के दे सकता है.

अपराध कैसा भी हो, अगर कानून की सही और सटीक जानकारी है, तो कोई भी आपको गुमराह नहीं कर सकता है. अगर कभी आपके साथ भी ऐसा हो, तो इन नियमों को याद रखिएगा.

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