मंजिता वंजारा एक ऐसी शख्सियत का नाम है, जिन्हें आज लोग एक सफ़ल पुलिस अधिकारी के तौर पर जानते हैं. इस मुकाम तक पहुंचने से पहले मंजिता अपने जीवन के कई पड़ावों से गुजरी हैं. इन्होंने ऐसे परिवार में जन्म लिया, जहां अधिकतर लोग भारतीय प्रशासनिक सेवा से जुड़े हुए हैं. एक डिप्लोमेट फैमिली से आने के बाद भी बचपन में मंजिता ने कभी भी प्रशासनिक सेवा में जाने के बारे में नहीं सोचा था.

स्कूल की प्रारंभिक पढ़ाई पूरी करने के बाद मंजिता ने निरमा यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद इन्होंने NIFT से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया. यहां से निकलने के बाद मंजिता ने कुछ समय के लिए एक रेपुटेड ब्रांड में नौकरी भी की.

आगे चल कर मंजिता ने एजुकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. अब तक के अपने इस सफ़र में मंजिता को कई संघर्षों से गुजरना पड़ा. एक सम्पन्न परिवार में पैदा होने के बावजूद मंजिता के परिवार वालों ने हमेशा अपनी बेटी को दुनियादारी से वाकिफ़ कराने के लिए उसे ज़्यादा सहुलियतें प्रदान नहीं की.

पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान मंजिता को एहसास हुआ कि मुझे समाज ने बहुत कुछ दिया है, इसलिए मेरा भी इसके प्रति कुछ फर्ज़ बनता है. समाज की सेवा करने के लिए सिविल सर्विस से अच्छा और क्या मुकाम हो सकता है. इसके बाद मंजिता UPSC की तैयारी में जुट गई. साल 2011 में मंजिता ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर यह एग्जाम फाइट कर लिया. साल 2013 में मंजिता Assistant Commissioner of Police के पद पर तैनात हुईं.

मंजिता को भरतनाटयम और कुचिपुड़ी में भी महारत हासिल है. मंजिता कहती है कि उनके कई दोस्त ऐसे हैं, जो लाखों का पैकेज उठाते हैं. इतना पैसा कमाने के बाद भी उन्हें संतोष और ख़ुशी नहीं मिल पाती है. लेकिन मेरे काम के दौरान जब भी मैं किसी असहाय की मदद करती हूं, तो दिल गदगद हो उठता है. किसी की मदद करने से ज़्यादा पुण्य का काम और क्या हो सकता है.

वर्तमान समय में मंजिता Chharangar क्षेत्र में फैली हुई अवैध शराब के धंधे से जुड़ी महिलाओं को इस दलदल से बाहर निकालने के लिए एक NGO के साथ मिल कर काम कर रही है. अब तक 100 से ज़्यादा महिलाओं को इन्होंने इस धंधे से बाहर निकाल कर रोजगार के दूसरे साधन मुहैया करवाए हैं.

मंजिता का मानना है कि पुलिस का काम केवल अपराधियों और जुर्म से जुड़े मसलों तक ही सीमित नहीं है. समाज से जुड़ी हुई हर समस्या के समाधान में उनकी भागीदारी होनी चाहिए. समाज की बेहतरी के लिए जो भी कदम वो उठा सकते हैं, उन्हें उठाने चाहिए.

मंजिता के अनुसार, समाज में लोगों को अपनी बेटियों को आगे बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए. लड़कियों को भी परम्परागत पेशों से निकल कर पुलिस और प्रसाशन जैसे महकमों में अधिक से अधिक संख्या में आना चाहिए, जिससे वो बाकी महिला समाज के लिए एक रोल मॉडल बन सके.

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