दिल्ली के सफदरगंज इलाके में एक युवक की सिर्फ़ इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उसने एक आदमी को पब्लिक प्लेस पर स्मोक करने से रोका था. हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक, 21 वर्षीय गुरप्रीत सिंह 17 सितम्बर को अपने दोस्त मनिंदर सिंह के साथ AIIMS के पास पराठा खाने के लिए रुका हुआ था. यहीं पर रोहित कृष्ण महंत नाम का एक वकील सिगरेट पी रहा था. सिगरेट के धुंए से परेशान हो कर गुरप्रीत ने रोहित को पब्लिक प्लेस पर स्मोक करने से मना किया, जिसके बाद रोहित उनके साथ गाली-गलौच करने लगा. बहस से बचने के लिए गुरप्रीत अपने दोस्त के साथ वहां से निकल ही रहा था कि रोहित ने अपनी कार से बाइक में टक्कर मार दी.

ये टक्कर इतनी गहरी थी कि गुरप्रीत को हॉस्पिटल में एडमिट कराना पड़ा, जहां वो कोमा में चला गया. रविवार तक कोमा में रहने के बाद आख़िरकार गुरप्रीत की मौत हो गई. एक्सीडेंट के बाद पुलिस ने रोहित पर रैश ड्राइविंग समेत दारू पीकर कार चलाने और किसी को चोट पहुंचाने जैसे मामलों के तहत FIR दर्ज की, जिससे रोहित आसानी से जमानत पर छूट गया. गुरप्रीत की मौत के बाद पुलिस ने रोहित पर जान से मारने और हत्या संबंधी मामले दर्ज कर के दोबारा गिरफ़्तार किया.

रोहित पेशे से एक वकील है, जो असम सरकार के लिए काम करता है. गुरप्रीत के परिवार का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में ढिलाई बरती और इसे आम एक्सीडेंट की तरह दिखाने की कोशिश की.

पंजाब के भटिंडा का रहने वाला गुरप्रीत दिल्ली कॉलेज ऑफ़ फ़ोटोग्राफ़ी से फ़ोटोग्राफ़ी क कोर्स कर रहा था. गुरप्रीत अपने दोस्त के साथ हॉस्पिटल के बाहर रहने वाले लोगों पर एक डॉक्यूमेंट्री शूट करने AIIMS आया हुआ था.

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बहस के बाद जब गुरप्रीत यहां से जा रहा था, तो रोहित ने अपनी कार को तेज रफ़्तार पर दौड़ाते हुए आया और बाइक में टक्कर मार दी. बाइक में टक्कर मारने से पहले उसने ऑटो और एक कैब को भी बुरी तरह नुकसान पहुंचाया. रोहित की मेडिकल जांच में ये भी साफ़ हुआ है कि ड्राइविंग के दौरान उसने शराब भी पी हुई थी.

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