बीते सोमवार दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किये हाई प्रोफाइल चोर सिद्धार्थ मेहरोत्रा के बारे में पुलिस ने परतों को खोलना शुरू किया. पुलिस ने बताया कि Chevrolet Cruze कार में बैठ कर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला सिद्धार्थ साउथ दिल्ली के पॉश इलाकों में घरों को निशाना बनाता था.

इसी साल फरवरी के महीने में सिद्धार्थ ने वसंत कुंज में 18 फ़्लैट्स में एक साथ चोरी की थी. इन सभी फ़्लैट्स की ख़ास बात ये थी कि ये सभी ग्राउंड फ़्लोर पर बने हुए थे. चोरी की कुछ वारदातों के समय सिद्धार्थ की कुछ तस्वीरें CCTV में कैद हुई थी, जिनमें उसका चेहरा साफ़ दिखाई दे रहा था.

इन्हीं तस्वीरों को आधार बना कर पुलिस ने गूगल पर चोर के बारे में खंगालना शुरू किया. 2 हफ़्ते की मेहनत के बाद पुलिस को सिद्धार्थ से संबंधित सुराग मिलने शुरू हुए. साउथ दिल्ली के DCP ईश्वर सिंह का कहना है कि 'गूगल पर सिद्धार्थ की चोरी की वारदातों की जानकारी देने के बाद हम एक ऐसी ख़बर की तलाश में थे, जिसमें सिद्धार्थ की पिछली गिरफ़्तारी के बारे में कोई जानकारी मिल सके. इसके लिए हमने गूगल पर कई शब्दों जैसे 'पढ़ा-लिखा चोर', 'बंटी चोर' को डाल कर ढूंढ़ना शुरू किया. हमें उम्मीद थी कि किसी न किसी पत्रकार ने इन शब्दों का इस्तेमाल करके सिद्धार्थ के बारे में कोई ख़बर लिखी ही होगी.'

ऐसे ही एक शब्द 'ऑफ़िसर का बेटा चोर' के ज़रिये हमें सिद्धार्थ के बारे में पता चला. इसके साथ ही पता चला कि 2015 में नोएडा पुलिस ने एक चोर को हिरासत में लिया था, जिसके पास चोरी के करीब 34 लाख रुपये कैश मिले थे. उस न्यूज़ से हमने चोर की फ़ोटो निकाल कर CCTV वाली तस्वीर से मिलाया, जिससे ये साफ़ हो गया कि दोनों शख़्स एक ही हैं.

इसके बाद पुलिस ने सिद्धार्थ के फ़ेसबुक अकाउंट को ढूंढा, जिसके बाद उसे पीतमपुरा से दो साथियों के साथ गिरफ़्तार किया गया. सिद्धार्थ ने पुलिस को बताया कि उसने चोरी के पैसों से साल की शुरुआत में Chevrolet Cruze कार खरीदी थी, जबकि वो ज़्यादातर वसंत कुञ्ज इलाके में ही चोरी किया करता था.

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