भारत हो या दुनिया का कोई दूसरा देश, अधिकतर देशों में महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा की ख़बरें आये दिन आती ही रहती हैं. हालांकि भारत में इस तरह की ख़बरें कुछ ज़्यादा ही आती हैं. इन घरेलू हिंसाओं में महिलाओं के शरीर पर चोटों के दाग दिल और दिमाग में तो रहते हैं, पर शरीर पर ये हमेशा के लिए बन जाते हैं, जिन्हें वो छुपाना तो चाहती हैं पर कई बार छुपा नहीं पाती हैं.

लेकिन Yevgeniya Zakhar, जो कि एक टैटू आर्टिस्ट हैं, अपनी कला के ज़रिये घरेलू हिंसा की शिकार हुई इन महिलाओं के दागों को छुपाने की मदद करने की कोशिश कर रही हैं.

Yevgeniya Zakhar ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पिछले साल एक Ad (विज्ञापन) पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने हिंसा और मारपीट का शिकार हुई औरतों को टैटू बनवाने की फ्री सर्विस का ऑफर दिया था. ये Ad उन्होंने ब्राजील की की एक टैटू आर्टिस्ट के बारे में सुन कर किया था, वो आर्टिस्ट पहले ही इस तरह के ऑफर्स महिलाओं को दे चुकी थी.

ये Ad पोस्ट करने के कुछ दिनों बाद ही उनके पास बहुत सारी रिक्वेस्ट आयीं. जब उन्होंने अपनी इन क्लाइंट्स की आपबीती सुनी, तो वो काफी परेशान भी हो गयीं. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि उनके पास बहुत सी ऐसी महिलाएं भी आयीं, जिनको ज़िन्दा जलाने की कोशिश की गई या फिर बेरहमी से मारा-पीटा गया था.

इसके साथ ही 33 वर्षीय Zakhar कहती हैं कि मैंने कभी नहीं सोचा था मेरे पास इतनी रिकुएस्टस आयीं थीं कि मेरे पास समय ही नहीं बचा था. आपको बता दें कि वो मॉस्को से 1200 किलोमीटर दूर स्थित Ufa शहर में टैटू आर्ट का काम करती हैं.
Yevgeniya Zakhar एक राशियन टैटू आर्टिस्ट हैं. Zakhar बताती हैं, 'उस टाइम मैंने एक दिन में 2 से 4 क्लाइंट्स के साथ काम किया. इन महिलाओं की कहानी के बारे में जानना बेहद डरावना था और उनके घावों के निशान उन पर बीती सारी घटना को बयां कर रहे थे. रशिया में घरेलू हिंसा काफी समय से चलती आ रही है.'

रशियन पुलिस के अनुसार, यहां पर दर्ज होने वाले अपराधों में से 40% केसेज़ घरेलू हिंसा के ही होते हैं.

घरेलू हिंसा की शिकार एक रशियन महिला की बॉडी पर टैटू बनाती Zakhar.

एक महिला की बॉडी पर टैटू बनाने के बाद उसको गले लागाते हुए Zakhar.

आपको बता दें कि रशिया धीरे-धीरे घरेलू हिंसा का खत्म करने की ओर ठोस कदम उठा रहा है.

Zakhar की क्लाइंट्स आमतौर पर अपनी बॉडी पर पड़े निशानों को बदलने के लिए खुद डिजाईन चुनती हैं, लेकिन अपनी बॉडी को पूरी तरह से बॉडी आर्ट से ढंकना नहीं चाहती हैं.

Zakhar कहती हैं कि टैटू बनवाते वक़्त ये महिलायें अपनी आपबीती के बारे में खुलकर बात करती हैं, क्योंकि उनको पता है कि इसके बाद वो कभी उस दर्द को याद करना नहीं चाहेंगी और न ही उनको वो दर्द दाग के रूप में बार-बार दिखाई देगा.

घरेलू हिंसा की शिकार Lilya के शरीर को आईने में देखती हुई Zakhar.

Zakhar बताती हैं कि अभी तक वो कुल 1,000 औरतों के शरीर के दागों पर टैटू बना चुकी हैं और उन्होंने इसके लिए किसी से भी कोई पैसे नहीं लिए हैं.

अपने इन दर्दनाक निशानों को अपनी इच्छानुसार बदलने से औरतों को उनका आत्म-सम्मान और उनका आत्मविश्वास वापस मिलता है और उसमें मदद कर रही हैं Zakhar.

Source: metro