हम मनोरंजन के लिए (कभी-कभी टाइम पास) के लिए फ़िल्में देखते हैं. कुछ फ़िल्में सिर्फ़ दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए ही बनाई जाती हैं और कुछ सच्चाई से रूबरू करवाती हैं.

ऐसी ही एक फ़िल्म आई थी Padman. उम्दा कहानी वाली इस फ़िल्म को देख कर दुबई की एक 13 साल की लड़की प्रेरित हो गई. रीवा तुलपुले ने महाराष्ट्र की 250 ग्रामीण लड़कियों को गोद लिया है और उन्हें सैनिटरी नैपकिन बांटे हैं. महाराष्ट्र का ही रहने वाला रीवा का परिवार, दुबई बस गया था. दुबई में फ़ंड्स इकट्ठा कर रीवा ने ग्रामीण लड़कियों के लिए सैनिटरी नैपकीन की व्यवस्था की.

पिछले हफ़्ते रीवा, दुबई से भारत आई और 1 साल के सैनिटरी नैपकिन का स्टॉक लड़कियों को दिया.

Financial Express के अनुसार रीवा ने कहा,

मैंने कुछ महीनों पहले पैडमैन देखी. फ़िल्म देखकर मुझे पीरियड्स के दौरान गांव में रहने वाली लड़कियों को होने वाली समस्याओं का पता चला. तभी मैंने महाराष्ट्र की ग्रामीण लड़कियों की सहायता करने का निर्णय लिया.

8वीं में पढ़ने वाली रीवा ने कोंकण ग्रेजुएट्स विधान सभा क्षेत्र के एमएलसी निरंजन देवखरे से उनके दुबई दौरे के दौरान अपना आईडिया डिस्कस किया. दीवाली के आस-पास रीवा ने लोगों से इस नेक काम के लिए दान करने की अपील की. कुछ ही दिनों में 250 लड़कियों के लिए सैनिटरी नैपकीन के लिए पैसे इकट्ठे हो गए.

दवखरे के एनजीओ 'समन्वय प्रतिष्ठान' के एक कार्यक्रम में रीवा ने ये सैनिटरी नैपकिन लड़कियों को दिए.

एक छोटी सी कोशिश बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है, रीवा की ये कोशिश इस बात का बेहतरीन उदाहरण है.

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