ऐ ज़िन्दगी गले लगा ले

हमने भी तेरे हर एक ग़म को गले से लगाया है...

है ना ...

सदमा फ़िल्म के इस गाने का मतलब है कि ज़िन्दगी ने जब ख़ुशी दी, तो हमने हंसते हुए उसको जिया और जब ग़म दिए तो पूरी हिम्मत के साथ उसका सामना किया, कभी भी खुद को कमज़ोर नहीं पड़ने दिया. आज इस गाने का ज़िक्र इसलिए कर रहे हैं क्योंकि बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे के ऊपर इस गाने की हर लाइन बिलकुल सटीक बैठती है.

इसी साल जुलाई महीने की शुरुआत में ख़बर आयी थी कि सोनाली बेंद्रे को हाई ग्रेड कैंसर हो गया है. सोनाली ने अपने ट्विटर हैंडल के ज़रिये अपनी बीमारी के बारे में बताया था. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा था कि कुछ दिनों पहले हेल्थ चेकअप कराने के बाद हाई ग्रेड कैंसर का पता चला.

जिस तरह मज़बूती और हिम्मत से सोनाली ने अपनी बीमारी को स्वीकारा, वो क़ाबिल-ए-तारीफ़ है. इसमें कोई शक़ नहीं है कि वो एक बहादुर महिला हैं. मगर इलाज के दौरान उन्हें काफ़ी दर्द से गुज़रना पड़ा. इस पीड़ा को उन्होंने अपने शेयर किया. लेकिन सभी तरह के दर्द को झेलना उनके लिए आसान था, पर उनको चिंता भी सता रही थी कि उनका बेटा इस बीमारी के बारे में जाजने के बाद कैसे रिएक्ट करेगा.

मगर रणवीर ने उनकी बीमारी की ख़बर को काफ़ी परिपक्व ढंग से लिया. जिससे उनको इस गंभीर बीमारी से लड़ने में बहुत मदद मिली.

यहां ये भी कहना बनता है कि मुसीबत की इस घड़ी में जब एक मां के साथ उसका बेटा है, तो मां के लिए इससे ज़्यादा ख़ुशी की बात क्या हो सकती है.

अपनी बीमारी से झूझते हुए उन्होंने ये साबित किया कि जिस तरह बाकी चीज़ें उनके लिए इम्पोर्टेन्ट हैं, उससे कहीं ज़्यादा उनका परिवार मायने रखता है. बीमारी के चलते पहली बार वो अपने बेटे रणबीर के बर्थडे पर उसके साथ नहीं थीं. तब भी उन्होंने निराश होने के बजाए अपने बेटे को कुछ इस अंदाज़ में Wish किया. सोनाली ने अपने इन्स्टाग्राम पर बेटे रणवीर को जन्मदिन की बधाई देते हुए एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने लिखा:

ऐसे हालातों में जब किसी भी इंसान की ज़िंदादिली जवाब दे सकती है, उन हालातों में सोनाली ने साबित कर दिया कि अगर जीने का जज़्बा हो तो, आपको मुस्कुराने से कोई नहीं रोक सकता. और फिर जब आपके दोस्त आपके साथ हों, तो मजाल है कि कोई आपको खुश रहने से रोक पाए. सोनाली की ताकत और हौसला उनके दोस्त हैं. जिनके साथ सोनाली ने इस बार का फ़्रैंडशिप डे मनाया.

सोनाली को पता है कि अगर उन्होंने डर को ख़ुद पर हावी होने दिया, तो उनकी ज़िन्दगी के इस सबसे ख़तरनाक सफ़र की यात्रा निराशाजनक हो जाएगी. और वो अपनी मंज़िल तक नहीं पहुंच पाएंगी. इसलिए उन्होंने अपने सफ़र को अपने हिसाब से पूरा करने का फैसला लिया.

सोनाली का इलाज़ अमेरिका के न्यूयॉर्क में चल रहा है और इलाज के दौरान उनको कीमोथेरेपी और सर्जरी से गुज़रना पड़ा है. अपनी एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि मैंने इतने दिनों में कई अच्छे और कई बुरे दिन देखे हैं. कभी-कभी तो उंगली उठाने और हंसने तक में दर्द होता था. इस दौरान मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक हर तरह का तनाव देखा मैंने. मगर मेरे परिवार, दोस्तों और फ़ैंस का साथ हमेशा मेरे पास था और मैं इस लड़ाई को हिम्मत के साथ लड़ रही हूं और हमेशा ऐसे ही लड़ती रहूंगी.

कैंसर जैसी ख़तरनाक बीमारी से जूझ रही सोनाली मानती हैं कि उनका हर दिन चैलेंजिंग और जीत का होता है.

अपनी बीमारी के बारे में जानने से लेकर वर्तमान में चल रहे इलाज में सोनाली ने निराशा और हताशा को खुद पर हावी नहीं होने दिया. सोनाली ने हमेशा अपने फ़ैंस के साथ अपनी बीमारी के इस सफ़र से जुड़ी बातें प्रेरित करने के उदेश्य से शेयर कीं. कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें अच्छे से अच्छे व्यक्ति का आत्मविश्वास डगमगा जाता है, उस कठिन समय में सोनाली ने हिम्मत नहीं हारी और इस मुश्किल घड़ी का वो डटकर सामना कर रही हैं.

Thank You सोनाली, आपने बता दिया कि ज़िन्दगी का हर दिन एक चुनौती है और ये हमारे ऊपर है कि हम इस चुनौती का सामना हंसते हुए करें या दुखी होकर...

Get Well Soon सोनाली!