1930-40 का दौर विश्वभर में ऐसा दौर था, जहां महिलाओं के कपड़ों को उनकी Dignity से जोड़ कर देखा जाता था. ख़ैर, ये अभी भी होता है कि एक महिला को उसके कपड़ों से ज़्यादा जज किया जाता है, लेकिन वैश्विक तौर पर ये सोच काफ़ी हद तक बदली है.

लंदन में उस समय जब महिलाओं को ढके हुए कपड़े पहनने के निर्देश दिए जा रहे थे, एक थिएटर ऐसा भी था, जहां Nude वीमेन Performers को देखने दूर-दूर से लोग आते थे. 1950 के दौर में सेंट्रल लंदन लोगों के आकर्षण की जगह थी, यहीं था चर्चित Windmill Theatre. इसे शुरू किया था Mrs Henderson नाम की एक महिला ने.

एक दौर में, Windmill Theatre में अलग-अलग तरह के लोग Perform करने आते थे, जिनमें कुछ फ़ेमस कॉमेडियन भी थे, जैसे Peter Sellers, Bruce Forsyth और Tony Hancock. लेकिन लोग इनकी वजह से फ्रंट रो के लिए नहीं लड़ते थे. लड़ाई होती थी इन Nude Performers को देखने की.

इन Performers की Nudity में Dignified Approach दिखती है. इनका स्टेज पर आने का तरीका भी बहुत अलग होता था, जैसे कोई Nude Performer स्टेज पर आएगी, तो खड़ी रहेगी, हिलेगी-डुलेगी नहीं. अगर वो हिले, तो उसे उस समय के हिसाब से, इसे Rude मान लिया जाता था. ये लोग कहते भी थे, 'If It Moves, It’s Rude’.

Windmill Theatre की ये फ़ोटो कलेक्शन इसी इसी थिएटर की एक कर्मचारी के पास थी, उसके बाद इसे किसी प्राइवेट कलेक्टर ने ख़रीद लिया. इस वक्त इन्हें नीलामी के लिए Duke's Auctioneers में रखा गया है.

ये Theatre दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान भी ख़ूब धड़ल्ले से चल रहा था. कई लोग वॉर के डिप्रेशन से बचने के लिए भी यहां मनोरंजन के लिए आते थे. लेकिन 1944 में Mrs. Henderson की मृत्यु के बाद इसे उनके मैनेजर Vivian Van Damm और उनकी बेटी Sheila Van Damm ने इसे चलाने की कोशिश की. 1964 में ये बंद हो गया.

इस दौर में काफ़ी सारे स्ट्रिप शोज़ और क्लब आ गये थे, जिन्होंने इसे चुनौती थी और आख़िरकार Windmill Theatre का सूरज डूब गया.

Source: the sun