'ऐसा कोई सगा नहीं, जिसको हमने ठगा नहीं.'

कनपुरिया मिठाई की बात चले और लोगों के दिमाग पर ये टैगलाइन न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. कसम से दुनिया जहां की सारी मिठाइयां एक तरफ़ और 'ठग्गू के लड्डू' का स्वाद एक तरफ़.

'ठग्गू के लड्डू' के प्रेमियों के लिए एक ख़ुशख़बरी है. अब इन टेस्टी लड्डुओं के लिए आपको कानपुर जाने की ज़रुरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि अब इसकी एक ब्रांच गुरुग्राम के सेक्टर-14 में भी खुल गई है. इतना ही नहीं, गुरुग्राम स्थित इस छोटी सी दुकान पर लड्डुओं के साथ-साथ बदनाम कुल्फ़ी भी मिलेगी. मतलब डबल मज़ा.

'ठग्गू के लड्डू' टैगलाइन देकर एक छोटी-सी मिठाई की दुकान से अपने बिज़नेस की शुरुआत करने वाले, राम अवतार ने सोचा भी नहीं होगा कि एक दिन उनकी ये लाइन लोगों की ज़ुबान पर इस कदर चढ़ जाएगी कि इसका इस्तेमाल प्रसिद्ध गीतकार और लेखक गुलज़ार फ़िल्म बंटी और बबली के लिए करेंगे.

अच्छा कई लोगों को ये लगता होगा कि आख़िर इतने स्वादिष्ट लड्डुओं के लिए, इतनी ट्रिकी टैगलाइन क्यों? दरअसल, राम अवतार को इसका आईडिया राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की एक स्पीच से आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वाइट शुगर ज़हर है. बस इसीलिए उन्होंने अपने लड्डुओं को चेतावनी के साथ बेचना शुरू किया. हालांकि, अभी तक ये साफ़ नहीं हुआ है कि कुल्फ़ी का नाम 'बदनाम कुल्फ़ी' कैसे पड़ा?

अगर आप भी बादाम, पिस्ता और काजू से बने इन लड्डुओं का लुत्फ़ उठाना चाहते हैं, तो नीचे दिए पते पर जा कर इन्हें खरीद सकते हैं.

Where: Huda Market, Sector 14, Gurugram

Timings: 8 Am to 10 Pm

Contact: +911244694888

Image Source : ndtv

वहीं अगर आप उनमें से एक हैं, जिन्होंने अब तक ये लड्डू टेस्ट नहीं किए, तो प्लीज़ जाइए और एक बार इन्हें ज़रूर खाइए. साथ ही हमें ये बताना मत भूलिएगा कि आपको लड्डु कैसे लगे. मेरे मुंह में तो अभी से पानी आ गया.

Source : whatshot