पद्मावती के बाद अब राजस्थान में एक और बॉलीवुड फ़िल्म को लेकर बवाल मचा हुआ है. इस बार निशाना बनी है, सलमान और कैटरीना की फ़िल्म 'टाइगर ज़िंदा है'. सलमान के प्रति गुस्साए वाल्मिकी समाज ने न सिर्फ़ सिनेमा घरों में तोड़फोड़ की, बल्कि पोस्टर भी फ़ाड़े. बताया जा रहा है कि सुमदाय के लोगों ने जयपुर, कोटा, बीकानेर समेत प्रदेश के कई सिनेमाघरों में विरोध-प्रदर्शन किया. इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने राजमंदिर थिएटर के सामने सलमान खान का पुतला भी फ़ूंका. एक ओर जहां राजमंदिर से मूवी के पोस्टर फ़ाड़ कर उतारे गए, वहीं दूसरी ओर अंकुर सिनेमा पर पत्थर मार कर शीशे तोड़ दिए गए.

वाल्मीकि समाज का आरोप है कि सलमान ने 'टाइगर ज़िंदा है' के प्रमोशन के दौरान एक इंटरव्यू में अपने डांस स्टाइल को 'भंगी' करार दिया था. नेशनल टीवी पर 'भंगी' कहने की वजह से समुदाय ने सलमान के ख़िलाफ़ मुकादमा दर्ज कराया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए नेशनल कमीशन फ़ॉर शेड्यूल ट्राइब ने नोटिस जारी कर, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और दिल्ली-मुंबई पुलिस कमिश्नर्स से सात दिनों के अंदर जवाब देने को कहा है.

वाल्मीकि समाज ने सलमान के साथ-साथ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में शिल्पा शेट्टी के ख़िलाफ़ भी FIR दर्ज करवाई है. बताया जा रहा है कि एक इंटरव्यू के दौरान शिल्पा ने जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि वो घर पर बिल्कुल भंगियों की तरह दिखती हैं. दिल्ली की वाल्मीकि समाज एक्शन कमेटी ने शिकायत की कॉपी फ़ेसबुक पर पोस्ट भी की है.

सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र हाटवाल वाल्मीकि ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान बताया कि सलमान खान और शिल्पा शेट्टी ने 'भंगी' शब्द का इस्तेमाल कर हमारी भावनाएं आहत की हैं. इसीलिए दोनों को वाल्मीकि समाज से तुरंत माफ़ी मांगनी चाहिए.

वहीं तोड़फ़ोड़ और धरना-प्रदर्शन के जुर्म में सीआरपीसी की धारा 151 के तहत अब तक 30-35 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है. बता दें कि राजमंदिर सिनेमा हॉल पूरी दुनिया में अपनी ख़ूबसूरती के लिए लोकप्रिय है. वहीं प्रदर्शन के चलते सिनेमा तक आए लोगों को भी लौटना पड़ा.

Source : HT