हर्ष मेहता, जो ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं, अपनी शादी से दो दिन पहले इंडिया आये और ये पहली बार था जब वो अपनी होने वाली पत्नी स्नेहा चौधरी से मिल रहे थे. आपको जानकार हैरानी होगी कि इन दोनों की लव मैरिज है. जी हां, इनकी कहानी ये साबित करती है कि प्यार कभी भी और किसी से भी हो सकता है.

Source: gabrielruhl

प्यार है ऐसा एहसास जिसके लिए किसी प्लानिंग की ज़रूरत नहीं होती, आप सोचो कि ढूंढने पर आपको सच्चा प्यार मिल जाएगा, तो ऐसा सोचना ग़लत है, क्योंकि प्यार वक़्त, जगह और उम्र देखकर नहीं होता है, प्यार बस हो जाता है. और इस बात का जीता जागता उदाहरण है हर्ष और स्नेहा की ये लव स्टोरी.

मेरी इस बात से मुंबई में रहने वाली स्नेहा चौधरी पूरी तरह से सहमत होंगी क्योंकि फ़ेसबुक अकाउंट पर स्क्रॉलिंग करते हुए उनको अपना प्यार, अपना जीवन साथी मिल गया. स्नेहा ने अपने फ़ेसबुक फ़्रैंड हर्ष मेहता, जिससे वो शादी से पहले न ही कभी मिली और ना ही बात की, से शादी की है. स्नेहा और हर्ष की इस क्यूट लव स्टोरी को एक फ़ेसबुक पेज, Humans of Bombay ने शेयर किया है.

हर्ष ने स्नेहा को जो पहला मैसेज भेजा वो था, 'क्या हम एक-दूसरे को जानते हैं?'

आप भले ही मुझे नादान या पागल बोलेंगे, लेकिन मैंने भी तुरंत ही रिप्लाई कर दिया,' स्नेहा ने Humans of Bombay को बताते हुए कहा.

और उस पल से ही उन दोनों को लव स्टोरी की शुरुआत हो गई.

उसने कहा, 'हमने केवल एक महीने ही चैट पर बात की, लेकिन ऐसा लगने लगा जैसे कि सालों से हम ऐसे ही बात कर रहे हैं. वक़्त धीरे-धीरे गुज़रता गया, बिना रुके हमने ख़ूब बातें कि लेकिन फिर भी ऐसा लगता था मानो अभी बहुत बातें बाकी हैं करने को. मुझे आज भी याद है वो दिन जब हमने लगातार 18 घंटों तक बात की थी, और जब बैटरी डाउन हो गई तो हमने तुरंत ही अपनी लैपटॉप्स को चार्जिंग पर लगाकर Skype के ज़रिये बात करना शुरू कर दिया. मैं हर्ष से बात करने की आदी हो गई थी. जब तक मैं उससे बात नहीं कर लेती थी, तब तक मेरा दिन पूरा नहीं होता था.'

'प्यार में कोई टाइमलाइन नहीं होती, न ही कोई सीमा होती है. मैं किसी के साथ दस साल बिता सकती हूं, लेकिन उस कनेक्शन को कभी महसूस नहीं कर सकती... या मैं अपने जीवन के बाकी वक़्त को किसी ऐसे व्यक्ति के साथ बिता सकती हूं जिससे मैं कल मिली हूं और मैं ख़ुश हूं... वाकई मैं बहुत ख़ुश हूं!'

हर्ष मेहता, जो ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं, शादी से ठीक दो दिन पहले इंडिया आये और ये पहली बार था जब वो स्नेहा से मिले.

ये बहुत ही प्यारा पल था, एकदम किसी चुम्बकीय आकर्षण की तरह... हमने एक-दूसरे को एयरपोर्ट पर गले लगाया और ऐसा लगा मानो वो पल वहीं थम जाए. हम तो जैसे कहीं खो ही गए थे, कि सिक्योरिटी गार्ड को हमें वहां से जाने के लिए कहना पड़ा!

हमारी शादी को तीन साल हो चुके हैं, हम रोड ट्रिप्स पर जाते हैं, 90's के सांग्स सुनते हैं. और अभी तक ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हम दोनों में से फ़ेसबुक पर फ़्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी? ये हमारे लिए मिलियन डॉलर का सवाल है...!