बिहार को बहुत से लोग तीन ही कारणों से जानते हैं, लालू, IAS और ग़रीबी. यक़ीन मानिये बिहार में इन तीनों चीज़ों के अलावा भी कई चीज़ें हैं.

पटना के Golden Man की ही बात कर लेते हैं. रामावतार तिवारी उर्फ़ Golden Man of Patna.

इन्हें बच्चे, बूढ़े सभी भगत सिंह के नाम से भी जानते हैं, पिछले 63 सालों से पटना की सड़कों पर आईसक्रीम बेच रहे हैं.

Patna Beats वेबसाइट ने इस अनोखे इंसान की ज़िन्दगी की कुछ कड़ियां दुनिया के सामने रखी हैं. हम भी वही साझा कर रहे हैं.

86 की उम्र में भी बेचते हैं Ice Cream

गोरखपुर के रहने वाले रामावतार 'Golden Ice Cream' से 1955 में जुड़े. तब ये पटना का इकलौता Ice Cream Brand था. 86 वर्ष के रामावतार आज भी पटना के Exhibition Road पर Ice Cream बेचते हैं.

कौन हैं रामावतार तिवारी?

Patna Beats से हुई बातचीत में रामावतार ने बताया,

मैं सिर्फ़ 1 वर्ष का था जब मेरी मां की मृत्यु हो गई. इसके अगले साल मेरे पिता भी चल बसे. मैंने मैट्रिक तक की पढ़ाई की है और 1952 में भारतीय सेना में भर्ती हो गया. लद्दाख की सर्दी बर्दाशत नहीं हुई और मैं 1955 तक घर लौट आया.

भारतीय सेना छोड़ने के बाद से ही रामावतार Golden Ice Cream का हिस्सा रहे हैं.

63 साल से एक ही कंपनी की नौकरी

हम 2-3 साल में कंपनी बदल लेते हैं और 'भगत सिंह' 63 साल से Golden Ice Cream में ही काम कर रहे हैं. इस पर सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा,

अगर आप एक ही जगह काम करते हो तो कंपनी की एहमियत बढ़ जाती है. कंपनी मुझे परिवार का हिस्सा समझती है. मुझे कई जगह से नौकरी के ऑफ़र मिले लेकिन मैंने दूसरी नौकरी नहीं की. आजकल लोग एक कंपनी में रह-रहकर बोर हो जाते हैं. कंपनी ने मुझे अपने हिसाब से काम करने की स्वतंत्रता दी. और अगर आपको अपने पसंद का काम मिले, तो नौकरी बदलने की कोई ज़रूरत महसूस नहीं होती.

कंपनी भी करती है उतना ही सम्मान

Golden Ice Cream भी रामावतार सिंह को उतना ही पसंद करती है. Director बासु तहलानी ने Patna Beats को बताया,

'भगत सिंह' बहुत ही मेहनती कर्मचारी हैं. कस्टमर्स भी उन पर भरोसा करते हैं. खेलते-कूदते बच्चों को Ice Cream देकर रामावतार उनके माता-पिता से पैसे लेने जाते हैं, वो जितना कहते हैं लोग बेहिचक उतने पैसे दे देते हैं. कस्टमर्स उनकी ईमानदारी के कायल हैं.

कंपनी ने रामावतार की मेहनत और लगन देखकर उनके लिए दिल्ली से स्पेशल ई-रिक्शा मंगवाया है, जिस पर बैठकर रामावतार रोज़ाना 25 किमी तक चलते हैं, वो भी इस उम्र में.

रामवतार को लोग क्यों बुलाते हैं 'भगत सिंह'?

रामावतार की वेश-भूषा, मूछों की बनावट भगत सिंह से मिलती-जुलती है. उनका कहना है कि पिछले 60 वर्षों से वो ऐसे ही कपड़े पहनते हैं और इसका श्रेय भगत सिंह को ही जाता है.

आज मैंने जो भी हासिल किया है वो भगत सिंह की वजह से ही हासिल की है. मैंने उनका नाम, उनके कपड़े सब ले लिया और बदले में मैं उन्हें सम्मान के अलावा कुछ नहीं दे सकता.

बड़े-बड़े लोगों को खिलाई है Ice Cream

रामावतार ने बताया कि उन्होंने लालू यादव, नीतीश कुमार, सुशील मोदी, शेखर सुमन, शत्रुघ्न सिन्हा जैसे जाने-माने लोगों को उनके कॉलेज के दिनों में Ice Cream खिलाई है.

रामावतार को एक बात पर पूरा यक़ीन है, 'सभी को ईमानदार बनना चाहिए. किसी को भी उतना ही मिलता है, जितनी उसकी योग्यता होती है.'

रामावतार तिवारी से Facebook द्वारा संपर्क किया जा सकता है.