मुफ़्त की चीज़ों के नाम पर हमारा चेहरा कितना खिल उठता है न? भाई... अब इस मंहगाई के दौर में फ़्री की चीज़ें किसे अच्छी नहीं लगती. आज कल कई फ़ूड कंपनियां बिक्री बढ़ाने के लिये, 30 मिनट के अंदर खाना आपके दरवाज़े तक पहुंचाने का दावा करती हैं. कभी सोचा है कि ऐसा करते हुए किसी डिलीवरी बॉय की जान भी जा सकती है.

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ख़ैर, हम सोचेंगे भी कैसे? क्योंकि हमें, तो सिर्फ़ घर बैठे खाना मिलने से मतलब होता है. हम और आप इस बारे में सोचें या न सोचें, पर हैदराबाद के रजत कुमार राय नामक शेफ़ ने इसके खिलाफ़ आवाज़ ज़रूर उठाई है. रजत ने अपनी फ़ेसबुक पोस्ट के ज़रिये, 30 मिनट के अंदर पिज्ज़ा डिलीवरी पर विरोध जताया है. पोस्ट में उन्होंने साफ़-साफ़ कहा है कि वो नहीं चाहते कि 30 मिनट में लोगों को पिज़्ज़ा उनके घर पर मिले, जिसकी वजह भी काफ़ी ख़ास है.

शेफ़ द्वारा सितबंर में लिखे गये इस पोस्ट को अब तक 78,000 बार शेयर किया जा चुका है. अब यहां सवाल ये है कि आखिर रजत क्यों नहीं चाहते कि लोगों को 30 मिनट के भीतर पिज़्ज़ा डिलीवरी की जाये. वो इसलिये, क्योंकि उनके लिये पिज़्ज़ा टाइम से पहुंचने से ज़्यादा ज़रूरी है, मासूमों की जान की रक्षा करना.

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इसी तरह की एक घटना का ज़िक्र करते हुए शेफ़ ने लिखा, 'एक बार एक डिलीवरी बॉय बाइक से मेरी कार के नीचे आता-आता बच गया. मुझे उसके ऊपर बहुत गुस्सा भी आया, इसीलिये मैंने उस पर चिल्लाते हुए कहा कि तुम मर भी सकते थे?'
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आगे वो लिखते हैं कि उसे चोट आ गई थी और दर्द भरी आवाज़ में उसने जवाब दिया कि सॉरी सर जाम लगा था, इसीलिये देर हो गई. मुझे किसी भी हालत में ये ऑर्डर डिलीवर करना था. इस हादसे ने राय को अंदर से परेशान करके रख दिया था, जिसके बाद उन्होंने ऐसी कंपनियों का समर्थन न करने का फ़ैसला लिया, जो ग्राहकों से मुफ़्त भोजन देने का वादा करती हैं. इसके साथ ही शेफ़ ने ये भी लिखा कि वो जीवन का महत्व समझते हैं और उसका सम्मान करते हैं.

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कई यूज़र्स ने राय की इस पोस्ट का समर्थन किया है.

वैसे एक बात कहूं डिलीवरी बॉय भी, तो इंसान ही है. कोई स्पाइडर मैन नहीं, जो उड़ कर हमारे पास आ जाये. दुर्घटना से देरी भली. इस बारे में आप अपनी राय कमेंट में व्यक्त कर सकते हैं.

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