आज के प्रेमी एक-दूसरे से जितनी जल्दी आई लव यू बोलते हैं, उतनी ही जल्दी ब्रेकअप भी कर लेते हैं. ऐसे में लोगों का सच्चे प्यार जैसी बातों से विश्वास उठना लाज़मी है. मगर हमें नीतेश मोहंती जैसे लोगों का शुक्रगुज़ार होना चाहिये, जो आज भी सच्चे प्रेम की शमा जलाए हुए हैं.

उन्होंने दिल जीत लेने वाली अपनी स्टोरी फे़सबुक पर Humans of Bombay के ऑफ़िशियल पेज पर शेयर की है. दरअसल, उनकी वाइफ़, दीया पिछले कई वर्षों से कैंसर से जूझ रही हैं. कई सर्जरी और किमोथेरेपीज़ के बाद नीतेश मोहंती की पत्नी दीया, पूरी तरह से उन्हीं पर निर्भर हो गई हैं.डॉक्टर्स के हिसाब से, दीया के पास सिर्फ़ 7-8 साल ही बचे हैं.

लेकिन दाद देनी होगी मोहंती की, जो इसके बाद भी नहीं टूटे और इस मुश्किल घड़ी में अपनी वाइफ़ के साथ खड़े हैं. दोनों की मुलाकात कॉलेज में हुई थी, इसके बाद मोहंती और दीया दोस्त बन गए. पढ़ाई पूरी होते-होते, दोनों एक-दूसरे के प्यार में गिरफ़्तार हो गए. इस बीच मोहंती को जॉब की तलाश में मुंबई छोड़ कर जाना पड़ा. फिर भी दीया उन्हें हर महीने लेटर लिखा करती थी, जबकि मोहंती उनके पत्रों का बहुत कम ही जवाब दिया करते थे.

उनका ये रिलेशनशिप अब लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में बदल चुका था. इसे ज़िंदा रखने में सिर्फ़ और सिर्फ़ दीया का हाथ था. आखिरकार साल 2003 में मोहंती जब वापस मुंबई आए, तो दोनों ने शादी कर ली. इसके बाद उन्होंने एक साथ कुछ यादगार लम्हें गुजारे, लेकिन तभी उन्हें एक झटका लगा. शादी के 4 साल बाद उन्हें पता चला कि दीया को कैंसर है.

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कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद भी उन्हें कहीं से राहत नहीं मिली. अब दीया टोटली मोहंती पर ही निर्भर हैं. जिस तरह मां-बाप अपने बच्चे की केयर करते हैं, मोहंती भी उनकी देखभाल वैसे ही करते हैं.

उनका कहना है, ‘मैं जो कर रहा हूं, वो सिर्फ़ इसलिए नहीं कि मैं उनका पति हूं. बल्कि इसलिए कि उन्होंने ही मुझे जीना सिखाया है, उन्होंने ही मुझे बनाया है और मेरी लाइफ़ उन्हीं के लिए है. अगर ये मुझे बार-बार करना पड़े, तो मैं ऐसा करने के लिये भी तैयार हूं.’

मोहंती अपने प्यार के लिए जो कुछ कर रहे हैं, वो बहुत कम ही देखने को मिलता है. आशा करते हैं, ये जितने भी पल साथ रहें, ख़ुश रहें.

Source: Humansofbombay