ये शख़्स याद है?

शायद ही किसी को इस शख़्स की शक़्ल याद हो. रोज़ाना ऑन स्क्रीन और ऑफ़ स्क्रीन हज़ारों चेहरे देखने वालों को कैसे ये चेहरा याद होगा?. चांस ही नहीं है.

ये हैं सरवजीत सिंह. 3 साल पहले दिल्ली की किसी सड़क पर इन पर छेड़छाड़ करने वाले का ठप्पा लग गया था. दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा, जसलीन कौर ने सरवजीत पर छेड़खानी का आरोप लगाया था. बाद में पता चला था कि आरोपी लड़की ने ग़लत आरोप लगाए थे. सीसीटीवी कैमरा फ़ुटेज से ये बात साफ़ हुई थी.

जब ये वीडियो आया था तब सरवजीत के इज़्ज़त को तार-तार कर दिया गया था. हर जगह उसे भला-बुरा कहा जा रहा था.

3 साल बाद भी सरवजीत की नौकरी और ज़िन्दगी सामान्य नहीं हो पाई है. ख़ुद पर से 'शोषण करने वाले' का ठप्पा हटाने में वे असफ़ल रहे हैं.

The Print की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरवजीत का केस जस का तस है. कारण, जसलीन कौर अब तक हुई 13 सुनवाई में से एक में भी हाज़िर नहीं हुई. सरवजीत को शहर छोड़ने से पहले थाने में हाज़री देनी पड़ती है. इस केस के कारण अब तक उनका पासपोर्ट भी नहीं बन पाया है. कोर्ट में उसकी बेगुनाही साबित नहीं हो पाई है, जबकी ये साफ़ हो चुका है कि वो बेगुनाह है.

The Print की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, सरवजीत के Character की ऐसी-तैसी करने के लिए Times Now के एक पत्रकार ने उनसे फ़ेसबुक पर मेसेज कर माफ़ी भी मांगी थी. सरवजीत ने अपने फ़ेसबुक पोस्ट पर बात-चीत के स्क्रीनशॉट डाले हैं.

कोर्ट में जसलीन का पेश न होना एक निर्दोष व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी सज़ा बन चुका है. जसलीन के एक ग़लत कदम ने सरवजीत की ज़िन्दगी की दशा बदल दी और आज भी वो सामान्य ज़िन्दगी जी नहीं पा रहा है.