क्विज़ जीतने वाले इस बच्चे की बातें सुनेंगे, तो सांप्रदायिक दुर्भावना रखने वाले सभी लोगों को शर्म आ जाये। शेख़ का मानना है कि 'सारे धर्म बराबर होते हैं. हर किसी को शांति के मार्ग पर चलना चाहिए. उसे बिल्कुल अच्छा नहीं लगता जब वो धर्म के ऊपर हो रही लड़ाईयां देखता है. उसका कहना है कि आज़ादी से पहले हम सब मिलजुल कर रहा करते थे, हमें फिर से वैसे ही रहने की ज़रूरत है.'

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क्विज़ जीतने के बाद शेख़ ने कहा कि 'क्विज़ में भगवान कृष्ण की ज़िंदगी और टीचिंग से जुड़े सवाल थे. श्रीमद्भगवद गीता ज़िंदगी जीना सिखाती है. यही नहीं हर धार्मिक किताब आपको अपने पेरेंट्स और टीचर्स की इज्ज़त करना सिखाती है. साथ ही ज़िंदगी को कैसे ख़ुश रह कर, शांति से जी सकते है,ये भी बताती है.'

शेख़ के क्विज़ जीतने के बाद उनके टीचर्स ने कहा कि 'वो जिस भी क्विज़ में पार्टिसिपेट करता है, उसे जीत कर आता है. ये क्विज़ जीतना उसके और हमारे लिए काफ़ी स्पेशल है'. प्रिसिंपल बाहर-ए-जहां ने कहा कि 'हर किसी को सभी धर्मों, संस्कारों और रीति रिवाज़ों का सम्मान करना चाहिए. एक मुस्लिम लड़के ने इस क्विज़ को जीता है, ये हमारे लिए काफ़ी गर्व की बात है.'

वहीं शेख़ की मां साहिबा मोहम्मदी कहती हैं कि 'उन्हें अपने बेटे पर नाज़ है. वो बहुत ख़ुश है. उन्हें लगता है कि शेख़ को हर धर्म की जानकारी होनी चाहिए.'