इस दुनिया में असंभव जैसा कुछ नहीं है. हर असंभव सी दिखती चीज़ के लिए कोई न कोई टेक्नोलॉजी अपने कॉलर ऊंचे करे खड़ी है. दुनिया में कई लोग हैं, जो टेक्नोलॉजी से हमारे सपनों को हक़ीकत में बदलने में जुटे हैं. चांद पर जाने की बात तो हम सिर्फ़ अपनी शेख़ी दिखाने के लिए करते हैं, लेकिन ऐसे लोग सिर्फ़ वहां जाने की बात नहीं, बल्कि वहां कम समय पर पहुंचने का सपना देखते हैं.

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पिछले साल SpaceX और Tesla के सीईओ Elon Musk ने मंगल ग्रह पर अगले 9 साल में पहुंचने की बात की थी. टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में Elon का नाम ही काफ़ी है. हाल ही में Elon ने अपने नए स्टार्टअप की बात कही है. इस नए प्रोजेक्ट में वो ऐसी टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे, जिससे इंसानी दिमाग सीधे मशीन से जुड़ सके और व्यक्ति अपने आइडियाज़ दिमागी सिग्नल के ज़रिए मशीन में भेज सके और सुरक्षित रख सके.

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इस नई कंपनी का नाम 'Neuralink Corp' है और ये 'Neural lace' टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है. ये कंपनी ऐसा यंत्र बना रही है, जो इंसानी दिमाग में आसानी से फ़िट हो जाए और सॉफ़्टवेयर से कनेक्ट किया जा सके. इससे इंसान अपने विचार आसानी से अपलोड और डाउनलोड कर सकता है और इंसानी दिमाग बेहतर काम कर सकेगा. ये यंत्र मिर्गी और डिप्रेशन जैसे लक्षणों के लिए भी लाभदायक होगा. हालांकि, कंपनी ने रजिस्ट्रेशन की कोई औपचारिक घोषणा तो नहीं की है, लेकिन WSJ की रिर्पोट के अनुसार, Neuralink कैलिफ़ोर्निया में बतौर मेडिकल रिसर्च कंपनी रजिस्टर हो चुकी है.

तो क्या सोच रहे हैं? ज़्यादा न सोचिए कोई आपके विचार डाउनलोड कर लेगा!

Article Source- Wallstreetjournal