जेब खाली हो फिर भी मना करते नहीं देखा,

मैंने पिता से अमीर इंसान नहीं देखा.

गुलज़ार साहब की ये पंक्तियां एक पिता और उसके बच्चे के प्यारे रिश्ते को बखूबी बयां करती हैं. वो कहते हैं न कि एक पिता भले ही सामने ज़ाहिर न करे, लेकिन उसके मन में भी बच्चों के लिए उतना ही प्यार होता है, जितना कि एक मां के दिल में.

आज हम आपके लिए एक ऐसे ही पिता की ख़बर लेकर आये हैं, जो अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहा है. और इस पिता ने ये बात साबित कर दी है कि बच्चों के उज्वल भविष्य के लिए एक बाप रातों की नींद और दिन का चैन भी कुर्बान कर देता है. हैदराबाद के रहने वाले जावेद खान इन दिनों पूरे शहर में चर्चा का विषय बने हुए हैं.

अब आप पूछेंगे कि ऐसा क्या कर दिया है जावेद खान ने? तो आपको बता दें कि जावेद खान अपनी बेटियों की ज़िन्दगी को संवारने के लिए दो तरह की जॉब कर रहा है.

खान से इस बारे में पूछने पर वो कहते हैं, 'मैं अपनी बेटियों के लिए अतिरिक्त घंटों में भी काम करता हूं. मेरी बेटियां अभी पढ़ाई कर रही हैं और उनकी पढ़ाई की फ़ीस और बाकी के खर्चे बहुत ज़्यादा खर्चा होता है.'

खान एक ट्रैफ़िक होम गार्ड हैं और साथ ही वो गार्ड की जॉब के बाद अपने खाली समय में ऑटो ड्राईवर का काम करते हैं. वो पूरे दिन शहर में यातायात को संतुलित बनाये रखने के लिए कठिन परिश्रम करते हैं, और जब उनकी शिफ्ट ख़तम होती है, तो वो ऑटो चलाने के काम में लग जाते हैं. ताकि वो अपने परिवार के लिए और अधिक पैसे कमा पायें.

खान के कठिन परिश्रम को देखकर AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने आगे बढ़कर उनके कठिन परिश्रम और प्रयासों की तारीफ़ की. इसके साथ ही ओवैसी ने ये भी कहा कि उनसे जितना बन पड़ेगा, वो इस परिवार की ज़्यादा से ज़्यादा मदद करेंगे.

निश्चित रूप से ये कोई पहला उदाहरण नहीं है कि हम एक ऐसे पिता के बारे में सुन रहे हैं, जो अपने परिवार की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त घंटे काम कर रहे हैं. बल्कि हमारे और आपके सभी के पिता ने भी हमारे उज्वल भविष्य के लिए अपनी खुशियों, आराम, स्वास्थ्य सब कुछ ताक पर रख देते हैं. हर बच्चे के लिए उसके पापा उसके सबसे फ़ेवरेट हीरो होते हैं और उनके आगे सारे सुपर हीरो भी फ़ीके पड़ जाते हैं.

Source: indiatimes