'Old Is Gold'. ये अंग्रेज़ी कहावत तब कही जाती है, जब पुराने दिनों की याद आती है. ऐसी सुनहरी यादों में से एक टेलिविज़न पर आने वाली रामायण भी है. 90's के दौर का वो सीरियल, जिसे देखने के लिए पूरा परिवार अपने सारे काम छोड़कर एकजुट हो जाया करता था. उस दौर में कुछ ही घरों में टीवी हुआ करता था, धार्मिक भावनाएं जुड़ी होने के कारण मोहल्ले के लोग भी इसे देखने के एक साथ इकठ्ठा हो जाते थे.

रविवार को आधे घंटे तक आने वाले इस सीरियल के वक़्त गली-मोहल्लों में ज़रा सी भी आवाज़ नहीं आती थी. सभी की नज़रें बस टीवी पर टिकी रहती थीं. उस दिन रामायण देखने के सिवा किसी के लिए कुछ और ज़रूरी काम हो ही नहीं सकता था.

रामायण 90's का सबसे पॉपुलर शो था. इसने टीआरपी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे. ये पॉपुलर शो एक बार फ़िर वापसी कर रहा है. फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि, इस बार इस धार्मिक शो की वापसी छोटे पर्दे पर नहीं बल्कि बड़े पर्दे पर होगी.

'बाहुबली: द बिगिनिंग' और फिर 'बाहुबली: द कन्क्लूज़न' की रिकॉर्ड तोड़ सफ़लता के बाद, 500 करोड़ की फ़ीचर फ़िल्म के लिए तीन फ़िल्म निमार्ताओं ने हाथ मिलाया है. प्रोड्यूसर्स अल्ला अरविंद, नमित मल्होत्रा ​​और मधु मंताना, इस महाकाव्य को बड़े पर्दे पर उतारने में जुट गए हैं.

ये फ़िल्म हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में होगी, जो कि भारत की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना के रूप में अनुमानित 500 करोड़ रुपये के बजट के साथ पेश होगी. 'Lord of the Rings' की तरह ही इसे तीन सीरीज़ में दिखाया जाएगा.

PTI से बात करते हुए मंताना ने कहा, 'हां मैं इस पर काम कर रह हूंं.'

वहीं अरविंद का कहना है कि 'ये एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है, लेकिन रामायण को बड़े पर्दे पर भव्यता के साथ कहनी होगा. हम एक बेहतरीन रचना प्रस्तुत करने के लिए कमिटेड हैं.'

सूत्रों के मुताबिक, तीनों एक वर्ष से अधिक समय से फ़िल्म की स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं.

नमित ने कहा कि 'वो बिल्कुल अलग तरीके की कहानी बताएंगे. उन्होंने कहा मेरे परिवार की तीन पीढ़ियां फ़िल्मों में हैं और ऐसी कहानियों को हम प्रभावी तरीके से सामने लाने में सक्षम हैं. इस महान भारतीय गाथा को दुनिया के सामने पेश करने के लिए बेहतर समय और अवसर दूसरा नहीं है, वो भी उस तरीके से, जिस तरीके से इसका दृष्टिकोण तथा सम्मान बरकरार रहे.'

1987-88 में दूरदर्शन पर प्रसारित रामानंद सागर की ‘रामायण’ में अरुण गोविल और दीपिका चिखल्या ने राम और सीता का रोल निभाया था. वहीं 2008 में सागर आर्ट्स द्वारा निर्मित रामायण में ये किरदार गुरमीत चौधरी और देबिना ने निभाया था.