भारत के क़रीब 1,38,899 लोगों ने मंगल गृह पर जाने का इंतज़ाम करा लिया है. जी नहीं, हम मज़ाक नहीं कर रहे. दरअसल, इन लोगों ने नासा के InSight (Interior Exploration using Seismic Investigations, Geodesy and Heat Transport) मिशन में अपना नाम लिखवाया है. इसे 5 मई, 2018 को लॉन्च किया जायेगा.

इस मिशन के लिए नाम देने वालों को एक ऑनलाइन बोर्डिंग पास भी दिया जायेगा. इन लोगों के नामों को एक सिलिकॉन वेफ़र माइक्रोचिप पर Electron बीम से लिखा जायेगा. नाम के अक्षर इंसानी बाल के एक हज़ारवें हिस्से के बराबर होंगे. इस चिप को लैंडर पर लगाया जायेगा.

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मार्स मिशन के लिए नासा में दुनियाभर से 2,429,807 लोगों के नाम आये हैं. भारत इस लिस्ट में तीसरे नम्बर पर है. सबसे ज़्यादा नाम US के लोगों ने लिखवाएं हैं (6,76,773) और उसके बाद चीन के लोगों ने (2,62,752).

एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत से इस मिशन के लिए इतने लोगों द्वारा नाम लिखवाए जाने के पीछे दो वजहें हो सकती हैं. पहली, मंगलयान मिशन के बाद लोगों की इसमें दिलचस्पी बढ़ी है और दूसरा, भारत-संयुक्त राष्ट्र के स्पेस संबंधों में आई मज़बूती.

नासा के Andrew Good ने बताया कि इस मिशन के लिए नाम दर्ज कराने की तारीख़ पिछले हफ़्ते तक की ही थी. अब वो और किसी का नाम नहीं लिख रहे हैं.

इस मिशन के तहत 26 नवंबर, 2018 को मंगल ग्रह की भूमध्य रेखा के निकट लैंडिंग की जाएगी. ये 720-दिवसीय मिशन है, जिसमें मंगल गृह से जुड़ी अहम जानकारियां जुटायी जायेंगी.