दुनिया का सबसे मशहूर और बड़ा जहाज़ टाइटैनिक के डूबने की घटना से कौन वाकिफ़ नहीं होगा? इतिहास की सबसे बड़ी रहस्यमयी दुर्घटनाओं में से एक टाइटैनिक के डूबने को लेकर हैरान करने वाला एक दावा किया गया है. टाइटैनिक के डूबने की असली वजह सिर्फ़ विशाल आइसबर्ग से टकराना नहीं है, क्योंकि विशेषज्ञों की एक टीम का दावा है कि टाइटैनिक डूबने की असली वजह समुद्री जहाज के बॉयलर कक्ष में लगी आग थी.

अनगिनत किताबों, लेखों और बड़ी-बड़ी हॉलीवुड फ़िल्मों में भी काफ़ी अच्छी तरह से यही दिखाया गया है कि 'Unsinkable' (न डूबने वाला) टाइटैनिक जहाज़ नॉर्थ अटलांटिक महासागर में आइसबर्ग से टकराकर डूब गया था.

गौरतलब है कि साल 1912 में टाइटैनिक जहाज़ न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुआ था, मगर अफ़सोस कि वह अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाया और अटलांटिक महासागर में डूब गया.

लेकिन एक नई बात जो सामने आई है, उसमें ये कहा गया है कि इतनी बड़ी दुर्घटना का मुख्य कारण आग थी, जिसके कारण जहाज डूब गया था. इस दुर्घटना में करीब 1500 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी.

मगर अब विशेषज्ञों ने कहा है कि यह आग तीन हफ्तों तक लगी रही और किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया. इसी आग के कारण जहाज़ क्षतिग्रस्त हो गया था. फिर जब सफ़र के दौरान आइसबर्ग के साथ इसकी टक्कर हुई, तो कमज़ोर होने के कारण वह डूब गया.

इस बाबत आइरिश पत्रकार Senan Molony ने जहाज़ के मुख्य इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स द्वारा ली गई तस्वीरों का अध्ययन किया. ये तस्वीरें लेने के बाद टाइटैनिक बेलफास्ट शिपयार्ड में भेज दिया गया था.

जिन विशेषज्ञों ने इस पर अध्ययन किया है, उनके मुताबिक, इन तस्वीरों में पतवार के दाहिनी ओर 30 फुट लंबे काले निशान देखे. यह निशान जहाज़ की लाइनिंग के उस हिस्से के ठीक पीछे है, जहां आइसबर्ग टकराया था.

Senan के मुताबिक, 'हम अब जहाज़ के उस हिस्से की तलाश कर रहे हैं, जहां पर आइसबर्ग टकराया था. उस जगह में पतवार का जो हिस्सा है, उसमें कोई क्षति या कमजोरी है या नहीं, हम इसे देखेंगे.'

विशेषज्ञों ने आश्वस्त किया कि शायद किसी आग के कारण पतवार के पास यह निशान बना. यह आग शायद जहाज़ के बॉयलर रूम के पीछे बने तीन मंजिला ईंधन स्टोर में लगी होगी. इसके बाद जब टाइटैनिक आइसबर्ग से टकराया, तब तक आग के कारण स्टील से बनी इसकी पतवार काफी कमज़ोर हो गई होगी. इसी वजह से आइसबर्ग के साथ टकराने पर जहाज़ की लाइनिंग टूट गई. हालांकि, इस आग की जानकारी अधिकारियों को हो गई थी.

पत्रकार Senan ने दावा किया है कि इस आग वाली बात को यात्रियों से छुपा कर रखा गया था. इस घटना के पीछे लापरवाही भी थी. अगर आग नहीं लगी होती, तो शायद 75 प्रतिशत तक क्षति को कम किया जा सकता था.

बहरहाल, ये सारी जानकारी एक नई डॉक्यूमेंट्री के मार्फ़त सामने आई है, जिसका प्रसारण जल्द ही किया जाएगा. इसका नाम है, 'Titanic: The New Evidence'.

Source: metro
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