पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आज़ाद अकसर अपने भाषणों में लोगों को प्रेरित करते हुए कहा करते थे कि 'सपने सिर्फ़ उन्ही लोगों के पूरे होते हैं, जो उन सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करते हैं. एक सपना त्रिशनित अरोड़ा नाम के एक शख़्स ने देखा और उस सपने को पूरा करने के लिए दिल-ओ-जान से मेहनत की. त्रिशनित की मेहनत और सपने ने आज उसका नाम देश सबसे युवा अमीरों की फ़ेहरिस्त में ला कर खड़ा कर दिया.

हाल ही में Humans of Bombay नाम के फ़ेसबुक पेज ने अपनी एक कहानी में त्रिशनित को जगह दी, जिसमें उसने बताया कि स्कूल के दिनों से त्रिशनित का दिमाग़ पढ़ाई-लिखाई की बजाय खिलौनों और गैजेट्स खोलने में ज़्यादा लगता था. त्रिशनित के पिता को ये देख कर कई बार चिंता भी होती थी कि उनका बेटा पढ़ाई के बजाय कंप्यूटर गेम्स खेलने में ज़्यादा धयान देता है. त्रिशनित को रोकने के लिए वो अपने कंप्यूटर में पासवर्ड लगाने लगे, पर अपने ख़ुफ़िया दिमाग से त्रिशनित इस तोड़ देते थे, जिससे त्रिशनित के पिता काफ़ी आकर्षित हुए उन्होंने बेटे के लिए एक नया कंप्यूटर ला कर दे दिया, जिस पर त्रिशनित दिन-रात कोडिंग और दूसरी चीज़ों में व्यस्त रहने लगा. त्रिशनित के इस शौक ने उनके दिमाग़ में कुछ इस तरह अपना घर बना लिया कि वो 8वीं की परीक्षाओं में फ़ेल हो गए, पर डांटने के बजाय पिता ने बेटे का साथ दिया और त्रिशनित पढ़ाई छोड़ कर कंप्यूटर के साथ माथापच्ची करने लगे. त्रिशनित ने अपने इस शौक को अपना जुनून बना लिया और कंप्यूटर कोडिंग और हैकिंग में महारत हासिल करने के साथ ही 19 साल की उम्र में एक कंपनी की शुरुआत की. TAC Security Solutions नाम की उनकी ये कंपनी किसी कंपनी को साइबर सिक्योरिटी की सुविधा देने के साथ ही हैकिंग के ख़तरों से बचाती है.

आज इस कंपनी के साथ रिलायंस समेत देश की कई नामी-गिरामी कंपनियां जुड़ी हुई हैं. भारत में 4 ऑफ़िस के साथ ही इस कंपनी का एक ऑफ़िस दुबई में भी मौजूद है, जहां से कंपनी करोड़ों का कारोबार कर रही है. इनके अलावा देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीबीआई समेत देश की कई बड़ी सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी भी इस कंपनी से ट्रेनिंग ले चुके हैं. त्रिशनित का सपना है कि वो अपनी कंपनी को मिलियन डॉलर के मुकाम पर पहुंचाए.

पेज पर शेयर हुई कहानी में त्रिशनित कहते हैं कि 'आज मैं जहां हूं उसके पीछे मेरे पिता का हाथ है, फ़ेल होने के बावजूद उन्होंने मुझ पर भरोसा किया. स्कूल में फ़ेल होने के बाद उन्होंने कभी मुझ पर ट्यूशन लेने के लिए दवाब नहीं बनाया.' त्रिशनित आगे बताते हैं कि '19 साल की उम्र तक उन्होंने सॉफ़्टवेयर क्लीन कर लिया और उनके पहले काम के लिए उन्हें 60 हज़ार रुपये मिले. उसी समय से वो अपने कंपनी शुरू करने के बारे में सोचने लगे और उसमें इन्वेस्ट करने के लिए पैसे बचाने लगे.'

त्रिशनित की कहानी सिर्फ़ फ़ेसबुक तक ही सीमित नहीं है, बल्कि Forbes के अलावा कई मैगज़ीन उन्हें अपने यहां जगह दे चुकी है. 'The GQ' मैगज़ीन ने त्रिशनित का नाम देश के सबसे 50 प्रभावशाली युवाओं में शामिल किया है.

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Source: FinancialExpress