ऐसे पोज़ देना है, वैसे स्टाइल मारना है, ऐसे खड़े होना है! जब सोशल मीडिया पर अपनी DP अपडेट करनी होती है, तो शायद ही कोई इंसान हो, जो अपनी बेस्ट पिक्चर न अपलोड करे. उसके लिए हम अपनी सबसे अच्छी पिक्चर रखते हैं. कई बार फ़ोटो सिर्फ़ इसलिए खिंचवाते हैं ताकि अपनी प्रोफाइल अपडेट कर सकें!

और ये बात भी सच है कि कुछ लोगों की सोशल मीडिया पिक्चर्स उनकी असली शक्ल से इतनी अलग होती हैं कि अगर वो सामने से निकल जायें, तो कोई पहचान भी न पाए!

लेकिन आधार कार्ड वाली फ़ोटो?

याद है उस सरकारी कैमरामैन ने शॉट ओके बोले बिना कब फ़ोटो खींच दी, पता ही नहीं चला. या वो वोटर ID कार्ड वाली फ़ोटो, जिसमें आप किसी जेल से भागे हुए क़ैदी लग रहे हैं? या पैन कार्ड पर लगी वो डरावनी तस्वीर, जिसको दोस्त अपने लैपटॉप में सिर्फ़ आपकी बेइज़्ज़त्ती करने के लिए सेव कर के रखते हैं!

जीवन का सबसे बड़ा और कटु सत्य ये है कि आपकी फ़ोटोज़ भले ही कितनी भी अच्छी आती हों, सरकारी फ़ोटो में आपसे बुरा कोई नहीं लगता!

ऐसा नहीं है?

अब?

तुम कितना भी लड़ लो, ये सच्चाई है कि सरकारी फ़ोटो में आप कभी अच्छे नहीं लग सकते!

इस जगत सत्य को प्रूव करने के लिए हमने कुछ लोगों की रियल और सरकारी फ़ोटो की तुलना कर के देखी, जो सामने आया, वो ये है:

(डरना मना है)

Note: These photos have been taken with the permission of these people and come under the property of Gazabpost. Any further use on other platforms shall be seen as misuse of our property.

ऐसी क्या दुश्मनी होती है सरकारी फोटोग्राफ़र्स की हमसे, कि वो कभी ढंग की फ़ोटो नहीं खींचते! इनमें हम इतने अलग लगते हैं कि लोग पहचानने से मना कर देते हैं कि ये हम हैं ही नहीं! एक दोस्त अपना वोटर ID कार्ड लेकर कहीं गया, सिक्योरिटी ने उसका कार्ड देख कर पूछा, आपका बेटा कहां है?

विमुद्रीकरण के चक्कर में काम आ रहे इन सरकारी ID प्रूफ़ को अगर हम लेकर भी जाते हैं, तो देखने वाला भी पहले तबियत से दो मिनट हंसता है, फिर आगे बढ़ने देता है.

ऐसा क्यों होता है, इस राज़ का पर्दाफ़ाश करने के लिए ACP प्रद्युमन और CID वाले लगे हुए हैं!

Source: Comedy Flavors

आपको कोई जवाब मिले, तो हमें ज़रूर बताएं. आर्टिकल पसंद आया हो, तो लाइक करें, कमेंट में अपनी फ़ोटो भी डाल कर बताएं कि आपकी सरकारी और रियल फ़ोटो में कितना फ़र्क है. और दोस्तों के साथ शेयर ज़रूर करें!