तेजस एक्सप्रेस के बाद, वाराणसी-वड़ोदरा के बीच चलने वाली महामना एक्सप्रेस से भी चोरी की ख़बर सामने आई है. बताया जा रहा है कि बीते रविवार को जब महामना एक्सप्रेस अपनी पहली ट्रिप ख़त्म कर वड़ोदरा पहुंची, तो ट्रेन की बद् से भी बद्दतर हालत देख यार्ड के अधिकारी दंग रह गए. दरअसल, ट्रेन के अधिकतर Coaches से नल, शावर जेल और पायदान गायब थे. इसके साथ ही ट्रेन के टॉयलेट और सीट्स की हालत भी काफ़ी बुरी थी. इतना ही नहीं, कई कोच के शीशे भी टूटे हुए थे. बता दें कि पीएम मोदी ने बीते शुक्रवार यानि, 22 सिंतबर को विडियो लिंक के ज़रिए इस ट्रेन की शुरुआत की थी. वहीं रेलवे के अधिकारियों ने घटना के लिए यात्रियों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

मामले पर पश्चिमी रेलवे के मुख्य जन संपर्क अधिकारी रविन्दर भास्कर का कहना है, 'रेलवे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने की पूरी कोशिश कर रहा, लेकिन ये घटना काफ़ी दुख़द और शर्मनाक है, लोगों ने नल और हैंड शॉवर्स जैसी चीज़ें तक नहीं छोड़ी.'

दिल्ली से वाराणसी चलने वाली पहली महामना एक्सप्रेस ट्रेन को पीएम मोदी ने पिछले साल जनवरी में हरी झंडी दिखाई थी. महामना एक्सप्रेस के ज़रिए भारतीय रेल को एक नया और साफ़-सुथरा चेहरा देने की कोशिश की गई थी, लेकिन लगता है हम भारतीयों को अच्छी चीज़ों की आदत ही नहीं रही, इसीलिए तो नई नवेली ट्रेन में भी हाथ साफ़ करने से नहीं चूके.

महामना एक्सप्रेस में चोरी घटना वाकई काफ़ी शर्मनाक है और इसके लिए कहीं न कहीं हम सब ही ज़िम्मेदार हैं, अब आगे से ये मत कहना कि भारतीय रेलवे की हालत कभी नहीं सुधर सकती.