अपनी ज़िन्दगी में हर इंसान, कोई न कोई बड़ा सपना ज़रूर देखता है. कई बार ये सपने पूरे हो जाते हैं, तो कई बार एक टीस लिए अधूरे रह जाते हैं. ऐसा नहीं है कि एक वक़्त बाद हम उन सपनों को भूल जाते हैं, बस हम वक़्त से समझौता कर लेते हैं. लेकिन किस्मत कई बार ऐसे वक़्त हमें उन सपनों को जीने का मौका देती है, जब हम मान बैठते हैं कि अब हमारे सपने नहीं पूरे होंगे.

शाहरुख़ का ओम में शांति ओम वो डायलॉग, 'अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने में लग जाती है', ग़लत नहीं है.

सपने पूरे ज़रूर होते हैं बस कई बार थोड़ा वक़्त लग जाता है.

भारत के सेलिब्रिटी शेफ़ विकास खन्ना की मां ने भी एक ऐसा ही सपना देखा था. विकास खन्ना के इंटरनेशनल फ़ेम के पीछे उनकी मां बिन्दु खन्ना की मेहनत है जिन्होंने, विकास को सपनों के पीछे भागना सिखाया. ये अलग बात है कि वो अपने बच्चे के सपनों को संजोने के चक्कर में अपना सपना भूल गईं.

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विकास आज सक्सेसफ़ुल शेफ़ और राइटर हैं, मगर इससे अलग वे एक बेहद अच्छे इंसान भी हैं.

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उन्होंने एक फ़ेसबुक पोस्ट में बताया कि, उनकी मां बिन्दु खन्ना का सपना था कि वो पायलट बनें. उनके पिता भी चाहते थे वे अपने सपनों को पूरा करें. 1964 में पंजाब में महिलाओं के प्लेन उड़ाने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया. लेकिन मां ने आज 53 साल बाद ऐसे प्लेन उड़ाया कि उनके Instructors देखते रह गए.

उन्होंने पोस्ट के अंत में लिखा कि, 'उन्हें आज अपनी मां का बेटा होने पर गर्व हो रहा है.'

अपनी पूरी ज़िन्दगी लोग अपने बच्चों के सपने पूरे करने में गुज़ार देते हैं और ख़ुद के सपने अधूरे रह जाते हैं. विकास उन चुनिंदा लोगों में से हैं, जिन्होंने अपने सपनों के साथ-साथ मां-बाप के सपनों को भी पूरा किया.

ग़ज़बपोस्ट की ओर से विकास खन्ना और बिन्दु खन्ना के जज़्बे को सलाम!

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