अजब भारत में गज़ब लोग रहते हैं. ये तो सभी जानते हैं. रोज़ाना कुछ न कुछ ऐसा सुनने को मिलता है, जिसके बाद ये कहना ही पड़ता है कि ये सिर्फ़ एक हिन्दुस्तानी ही कर सकता है. अब लखीमपुर खीरी के सकेथु गांव को ही देख लीजिए.

बैल-गाय और मवेशियों से इस गांव के लोग इतना ज़्यादा परेशान हो गए कि उन्होंने जानवरों को गांव के इकलौते स्कूल में ही बंद कर दिया.

इसके बाद गांववालों को अपनी परेशानी का हल मिला या नहीं, ये तो पता नहीं पर स्कूल के बच्चों की पढ़ाई बाधित ज़रूर हुई. विद्यार्थी और छात्र बाहर रहने के लिए मजबूर हो गए. पढ़ाई-लिखाई चौपट हो गई.

गांववालों का कहना है कि मवेशियों की ख़रीद-फ़रोख़्त के नए क़ानून की जानकारी न होने के कारण लोग अपने जानवरों को ऐसे ही खुला छोड़ने लगे हैं. जानवर खुले होने के कारण खेतों और फ़सल को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे परेशान होकर गांववालों ने ये कदम उठाया.

इस अजीब तरह के विरोध के बारे में ब्लॉक एजुकेशन ऑफ़िसर, राम जनक वर्मा को जैसे ही पता चला, उन्होंने तुरंत कार्रवाई की. पुलिस और नायब तहसीलदार गांव में गए और गांववालों को समझाया.

Source: TOI

एसडीएम, नागेंद्र सिंह ने HT को बताया,

'जानवरों को बाहर निकाल लिया गया है और अब स्थिति सामान्य है.'

गांववालों का कहना है कि सिर्फ़ उनके गांव के मवेशी ही नहीं, आस-पास के गांव के मवेशियों ने भी उनकी परेशानियां बढ़ा दी हैं. फ़सल और खेतों के नुकसान से तंग आकर उन्होंने ये कदम उठाया था.

13 अगस्त को पाकरिया गांव के लोगों ने भी इसी तरह का विरोध किया था.

देश में वैसे ही शिक्षा का स्तर निंदनीय है, ऊपर से Schools का ऐसे बंद होना, बच्चों के लिए और परेशानी खड़ी करता है.

Source: HT