अकसर आपने बड़े-बूढ़ों को यह कहते हुए सुना होगा कि सिर्फ अपनी आंखों देखी चीज़ों पर विश्वास किया करो. पर दोस्तों कई बार आंखें भी धोखा दे जाती हैं. विश्वास नहीं होता न? पर आज जो तस्वीरें हम आपको दिखाने वाले हैं, उन्हें देख कर आप भी कहेंगे सच में आंखें भी धोखा दे सकती हैं.

I'm lovin it

ऐसे कैसे गुरू!

कुदरत भी कैसे-कैसे खेल खेलती है?

इस डॉगी से पंगा लेने की हिम्मत किसके पास है?

सावधानी हटी दुर्घटना घटी...

तुम्हारी सोच की तो दाद देनी पड़ेगी

इन आंखों की मस्ती के दीवाने हज़ारों हैं

क्या देखते हो? सूरत तुम्हारी...

बच्चे इन खेलों से दूर रहें

गंदी बात...गंदी...गंदी...बात

ऐ कौन बनाया इसको...

ये तो बिल्कुल उसकी नकल है...

अब तो प्रकृति भी लोगों को... दिखाने लगी...

लोगों को भी कैसी-कैसी चीज़ें पसंद आती है

हा... हा... हा...

इससे पंगा लेना मौत को दावत देना है...

ये क्या हो रहा है?

तुम्हारी तो किस्मत में ही...

जहां तेरी ये नज़र है, मेरी जान मुझे ख़बर है...

बस इसी वजह से मैं क्लास में नहीं जाता

ये चॉक्लेट बच्चों के लिए तो बिल्कुल नहीं होगी

ऊपर वाला अमेरिका की मदद करे

कंप्टीशन में आये हो क्या?

Source: scoopwhoop