पुद्दुचेरी में 'ब्लू व्हेल' Game के जाल में फंसे एक युवक को ज़िंदा बचा लिया गया. ज़िंदा बचे युवक ने 'ब्लू व्हेल' को लेकर चौंका देने वाले ख़ुलासे किए हैं. 22 वर्षीय Alexander ने बताया, 'ये गेम बहुत पीड़ादायक है. मैं इस गेम के जाल से बाहर निकलना चाहता था, लेकिन चाह कर भी नहीं निकल पा रहा था.'

दरअसल, बीते मंगलवार को Alexander ने चाकू से अपने हाथों पर ब्लू व्हेल गेम का मॉडल बनाया हुआ था, वो अपनी ज़िंदगी के अंतिम पड़ाव पर ही था कि पुलिस ने सही वक़्त पर आ कर, करिकल में रहे Alexander की जान बचा ली.

Alexander ने बताया, 'मैं नेवी में काम करता था. करीब दो हफ़्ते पहले छुट्टियां बिताने के लिए घर आया था, एक दिन Courier कंपनी में काम करने वाले सहयोगियों द्वारा WhatsApp ग्रुप पर इस गेम का लिंक मिला. मैंने इसे खेलना शुरू किया और ऐसा फंसा कि फिर दोबारा ऑफ़िस ज्वॉइन करने के लिए चेन्नई नहीं जा पाया.' आगे बताते हुए Alexander कहते हैं कि ये कोई App नहीं है, बल्कि ये एक तरह का लिंक है, जो कंपनी के एडमिन द्वारा भेजा जाता है.'

Alexander ने कहा, इस गेम की शुरुआत रात को दो बजे के बाद होती है, सबसे पहले आपको अपनी कुछ पर्सनल डिटेल और फ़ोटो पोस्ट करनी होती है. इसके बाद मुझे आधी रात को कब्रिस्तान का दौरा करने के लिए कहा गया, मैं Akkaraivattam कब्रिस्तान भी गया और वहां की फ़ोटो लेकर ऑनलाइन पोस्ट की. इतना ही नहीं, अकेले में हॉरर फ़िल्में देखने के लिए भी मजबूर किया गया, डरावनी फ़िल्में इसलिए क्योंकि गेम के एडमिन का मानना है कि ऐसा करने से हमारे अंदर का डर निकल जाता है.

'मैं चाह कर भी अपने घर पर बात नहीं कर पा रहा था. मैं घर से बाहर कदम रखना चाहता था, लेकिन न चाह कर भी एक कमरे तक सीमित रह गया था.'

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वहीं Alexander का अजीब बर्ताव देख कर उसके भाई को शक हुआ और देरी न करते हुए वो तुंरत पुलिस के पास गया, जिस कारण Alexander की जान बच गई.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वमसेधर रेड्डी के साथ मीडिया से बात करते हुए Alexander ने कहा, 'ये गेम मौत का जाल है, जिसमें लोग न चाहते हुए भी फंसते चले जाते हैं. साथ ही उन्होंने भी कहा कि लोगों को इस गेम से दूर रहना चाहिए.'

बता दें कि आज से करीब तीन साल पहले इस गेम की शुरुआत रूस में हुई थी, जिसके बाद इस गेम को खेलते हुए दुनियाभर में करीब 100 से अधिक लोगों ने अपनी जान दे दी थी.

Source : ndtv