आज, 21 अगस्त 2017 को साल का सबसे बड़ा सूर्यग्रहण लगने जा रहा है. 99 साल बाद यब पहला ऐसा मौका है, जब सूर्यग्रहण को पूरे अमेरिका में देखा जा सकेगा. इससे पहले सन 1918 में पूरे अमेरिका ने सूर्यग्रहण का नज़ारा देखा था. वहीं NASA भी इस बेहद ख़ास सूर्यग्रहण को लेकर काफ़ी उत्साहित है. भारतीय समय के अनुसार, ये सूर्यग्रहण आज रात 9 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर रात में 2 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगा. ग्रहण की कुल अवधि करीब 5 घंटे, 18 मिनट होगी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इर बार यह ग्रहण अमेरिका के 14 राज्यों से होता हुआ गुज़रेगा. NASA इस सूर्यग्रहण का लाइव प्रसारण भी करेगा.

क्यों लगता है सूर्यग्रहण

सूर्य ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी और सूरज के बीच चंद्रमा आ जाता है. सूर्य ग्रहण तीन प्रकार का होता है. पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण, दूसरा आंशिक सूर्य ग्रहण और तीसरा वलयकार सूर्य ग्रहण. जब चन्द्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से होकर गुजरता है, तब धरती के कुछ हिस्सों से सूर्य नज़र नहीं आता.

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मान्यताएं

दरअसल, भारत में सूर्य ग्रहण को लेकर कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं. आइए नज़र डालते हैं इन मान्यताओं पर.

1. ऐसा माना जाता है कि सूर्य ग्रहण के बाद लोगों को नदी में स्नान करना चाहिए. इसके बाद देवी-देवाताओं की पूजा करनी चाहिए.

2. सूर्य ग्रहण के बाद घर की शुद्धि भी ज़रूरी होती है. इसीलिए सूर्यग्रहण ख़त्म होने के बाद घर की साफ़-सफ़ाई कर स्नान करना चाहिए.

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3. ऐसा माना जाता है कि स्नान के बाद गरीबों और ब्राह्मणों को दान देना चाहिए. ऐसा करने से सूर्य ग्रहण के प्रभाव में कमी आती है.

4. सूर्य ग्रहण को लेकर ये भी मान्यता है कि ग्रहण के वक़्त हमें किसी कार्य और भोजन को हाथ नहीं लगाना चाहिए. ग्रहण के समय देवी-देवताओं का स्मरण करना अच्छा होता है.

हिंदू मान्यता के मुबातिक है काफ़ी रोचक है ग्रहण की कहानी

हिंदू मान्यता में इसे अमृतमंथन और राहु-केतु नामक दैत्यों की कहानी से जोड़ा जाता है और इससे जुड़ी कई कहानियां प्रचलित हैं. वहीं कुछ लोग ऐसा भी कहते हैं कि ग्रहण के दौरान राक्षस लोग भगवान को प्रताड़ित करते हैं और इसीलिए इस दौरान सूर्य पर भी संकट की छाया छा जाती है.

सावधानी है ज़रूरी

सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, इसीलिए इस दौरान सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है. आइए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण के दौरान हमें किन चीज़ों से बचना चाहिए.

1. सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए. इसको देखने के लिए वैज्ञानिक प्रमाणित टेलिस्कोप का ही इस्‍तेमाल करना चाहिए. सूर्य ग्रहण को देखने के लिए आप उन चश्‍मों का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं, जिनमें अल्‍ट्रावॉयलेट किरणों को रोकने की क्षमता हो.

2. ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है, इसीलिए ग्रहण के समय उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए.

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3. ग्रहण के वक़्त शरीर पर तेल से मालिश नहीं करनी चाहिए. ऐसा कहा जाता है कि इस समय तेल से मालिश करने से त्वचा संबंधी रोग हो जाते हैं.

4. ग्रहण के समय पति-पत्नी को शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए. मान्यताओं के मुताबकि, इस दौरान गर्भधारण किया हुआ बच्चा बुराइयों से लिप्त या फिर अंधा पैदा होता है.

ग्रहण को लेकर क्या कहते हैं वैज्ञानिक

वैज्ञानिकों के मुताबिक, सूर्य ग्रहण के दौरान पृथ्वी के उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुव प्रभावित होते हैं. इसलिए ये अवधि ऋणात्मक मानी जाती है. सूर्य से अल्ट्रावॉयलेट किरणें निकलती हैं, जो एंजाइम सिस्टम को प्रभावित करती हैं, इसलिए सूर्यग्रहण के दौरान सावधानी बरतना बेहद आवश्यक होता है.

भारत में नहीं होगा असर

भारत में ग्रहण के दौरान रात होगी. ऐसे में सूर्य ग्रहण यहां दिखाई नहीं देगा और ना ही इसका कोई असर होगा.

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