हर किसी की इच्छा होती है कि उसका बेटा श्रवण कुमार जैसा हो. वही श्रवण कुमार जिसने कांवड़ में बिठा कर अपने अंधे माता-पिता को तीर्थयात्रा कराई थी. अगर आप भी ऐसा सोचते हैं कि आज के दौर में श्रवण जैसा बेटा मिलना मुश्किल है, तो मिलिए कलयुग के श्रवण कुमार से, जो जी-जान से अपनी बूढ़ी मां को ख़ुश रखने का प्रयत्न कर रहा है.

दरअसल, Tony Luciani नामक ये शख़्स पेशे से एक पेंटर है. इनकी मां Dementia नामक बीमारी से पीड़ित होने की वजह से अपनी याददाशत खो चुकी हैं. अपनी मां बूढ़ी मां का ख़्याल रखने के लिए Tony ने कैमरा ख़रीद, घर पर ही फ़ोटोग्राफ़ी का काम शुरू कर दिया. इन तीन सालों के अंदर Tony ने सुनहरी यादों के रूप में अपनी मां की बहुत सी ख़ूबसूरत तस्वीरें कैमरे में कैद कर ली. अफ़सोस इस बात का है कि उनकी मां को अब बेटा का नाम तक याद नहीं.

Tony बताते हैं, 'मेरे पिता की मृत्यु के वक़्त मैं वहां नहीं था. 15 साल पहले मेरे भाई की मौत हो गई, तब भी मैं वहां नहीं था. मुझे कभी अलविदा कहने का मौका नहीं मिला. अब मुझे अलविदा कहने का मौका मिला है, हो सकता है कि वो काफ़ी समय के लिए ही जीवित न बची हों.'

देखिए मां-बेटे के इस रिश्ते की एक प्यारी सी झलक.

1. क्योंकि ये 'मां' है.

2. दुनिया में सारी ख़ुशियां एक तरफ़ और मां का प्यार एक तरफ़.

3. साये की तरह साथ रहेगा ये तेरा-मेरा साथ.

4. सच में मां से अनमोल कुछ नहीं.

5. जन्नत से भी ख़ूबसूरत हो तुम.

6. तेरे आंचल में बहुत सुकून मिलता है मेरी मां.

7. तेरी मुस्कान के आगे दुनिया की सारी तकलीफ़ें कम लगती हैं.

Source : indiatimes