क्या कभी खाना ऑर्डर करते वक़्त ज़ुबान फ़िसल जाने पर या किसी से टकरा जाने पर आपने अजीब सी शर्म महसूस की है? इसी फ़ीलिंग को Embarrassment कहते हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसा लोगों की मौजूदगी में ही होता है. इसके कारण सामाजिक रूप से प्रेरित होते हैं.

हम क्यों होते हैं Embarrass?

Embarrass होना एक सामाजिक व्यवहार है. मानव एक सामाजिक प्राणी है और Embarrass होना उसे और सामाजिक बनाने में मदद करता है. अगर कोई इंसान कुछ ग़लत करने या हो जाने के बावजूद Embarrassed महसूस नहीं करता, तो ऐसा समझा जा सकता है कि या तो उसे समाज में रहने का सऊर नहीं है, या वो समाज की फ़िक्र नहीं करता.

ये फैलता है

प्रोफ़ेसर William Miller ने लिखा है कि, Embarrassment संक्रामक होता है. जब एक व्यक्ति किसी और को Embarrass होते हुए देखता है, तो वो खुद भी Embarrassment महसूस करता है. ऐसी स्थिति में देखने वाले भी असहज हो जाते हैं. इसे Mutual Embarrassment कहा जाता है.

शर्मिंदा होना कर सकता है माफ़ी दिलाने में मदद

Embarrassment एक तरह की अनकही माफ़ी होती है, जिसे दूसरा व्यक्ति समझ जाता है. आप शर्मिंदा हैं, ये दिखा कर आप लोगों का भरोसा भी जीत सकते हैं. यानि आपके साथ कुछ भी Embarrassing हो, तो अपनी शर्म न छुपायें, ये आपके लिए अच्छी है.

Feature Image: Eharmony

Source: Bustle