हम कई तरह के अंधविश्वासों को जाने-अनजाने में मानते हैं. जैसे बिल्ली रास्ता काट दे तो लकड़ी का टुकड़ा फेंककर, या किसी और के गुज़रने का इंतज़ार करना. रात में नाखून न काटना, रात में कपड़ों को बाहर न छोड़ना. वगैरह... वगैरह.

इसी के साथ हम कुछ संकेतों को शुभ और अशुभ मानते हैं. चील का छत पर बैठना अशुभ संकेत समझा जाता है. रात में कुत्ते-बिल्लियों का रोना भी अशुभ माना जाता है. लिस्ट काफ़ी लंबी है, और आप बहुत कुछ जानते ही होंगे.

अगर आप सोचते हैं कि सिर्फ़ हम ही अंधविश्वासों और शुभ-अशुभ के चक्कर में फंसे हैं, तो आप थोड़े ग़लत हैं.

दुनिया भर के लोग शुभ-अशुभ के चक्कर में फंसे हु हैं. पर क्या किसी तारीख और दिन का मेल हो सकता है कोई अशुभ संकेत?

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Friday The 13th, यानि 13 तारीख और दिन शुक्रवार. दुनिया के बहुत से लोग इस दिन और तारीख़ के मेल को साल का सबसे अशुभ दिन मानते हैं. आप अंधविश्वासी हों या न हों, पर इस मान्यता के बारे में जानना काफ़ी दिलचस्प है.

ये रहस्य सैंकड़ों साल पुराना है. ये अंधविश्वास मध्य युग या येशु मसीह के जीवनकाल में शुरू हुआ.

कुछ लोगों का कहना है कि ये अंधविश्वास येशु मसीह के Last Supper(सूली पर चढ़ाने से पहले येशू और साथियों का आख़िरी डिनर) के बाद से शुरू हुआ. The Last Supper में यीशू के साथ 13 और लोग मौजूद थे. ये उनकी मौत से एक दिन पहले हुआ था और उस दिन भी शुक्रवार था.

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मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इस तारीख और दिन से जुड़ा अंधविश्वास लोगों के मन में इस कदर बैठा हुआ है कि लगभग 17-21 मिलियन लोग इस दिन से डरते हैं.

इस नंबर को कुछ लोग इतना अशुभ मानते हैं कि कुछ इमारतों में 13वां फ़्लोर ही नहीं बनवाते! 12 के बाद सीधे 14वां फ़्लोर बनवाते हैं.

Friday,13th से लगने वाले डर के लिए एक नाम भी है: Paraskavedekatriaphobia.

अंधविश्वास से जुड़ी कुछ कहानियां-

1. 1307 में फ्रांस में कई Knights Templar(कैथलिक मिलिट्री संस्थान के सिपाही, सोलोमन के मंदिर के रक्षक) को बंदी बनाकर यातनायें दी गई थी. बंदी बनाने की तारीख थी 13 अक्टूबर, दिन था शुक्रवार.

2. Geoffrey Chaucer ने Cantebury Tales में भी लिखा है कि ये दिन अशुभ है और शुक्रवार को कोई भी नया काम शुरू न करना ही सही है.

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3. बाइबल में कई बुरी घटनाएं शुक्रवार को ही घटी हैं. एडम और इव को इडन गार्डन से निकालने से लेकर येशू को सूली पर चढ़ाने तक सभी घटनायें शुक्रवार को घटीं.

4. Scandinavians भी नंबर 13 को अशुभ मानते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, 13वें नंबर के Demigod (यक्ष) एक शैतान था और मनुष्यों के लिए कई परेशानियां खड़ी करता था.

5. भारत में भी कहीं-कहीं 13 लगों का एकसाथ सम्मिलित होना शुभ संकेत नहीं माना जाता.

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इन सबके अलावा एक बहुत ही अलग तरह का तथ्य भी सामने आता है. कुछ लोगों का मानना है कि नंबर 13 को पितृसत्तामक सोच वाले पुजारियों ने जबरन अशुभ घोषित किया है. कारण? ये नंबर स्त्रीत्व का प्रतीक है. पुराने ज़माने में देवियों को पूजे जाने वाली संस्कृतियों में इस नंबर को शुभ माना जाता था.

बहुत से लोग इस तारीख और दिन के संयोग पर ध्यान नहीं, देते लेकिन बहुत से लोग हैं जो इसे अशुभ मानते हैं और इस दिन ख़ुद को असहज महसूस करवाते हैं.

वैस तो ये अंधविश्वास पश्चिमी लोगों पर ज़्यादा हावी है लेकिन अगर आपने Friday, 13th शुक्रवार को कुछ अनुभव किया हो, तो कमेंट बॉक्स में हमें ज़रूर बतायें.

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