मीडिया से कहीं न कहीं जुड़े होने के नाते जब भी लोग मीडिया को 'पेड मीडिया' या 'बिका हुआ' कहते हैं, तो दुःख होता है. बुरा लगता है, जब हमारे भी कॉन्टेंट पर लोग पूछ बैठते हैं कि इन्हें कांग्रेस ने ख़रीदा है या बीजेपी ने? ख़ैर, ये तो हुई आरोप की बातें लेकिन कभी-कभी मीडिया का एक हिस्सा कुछ ऐसी हरकतें कर देता है कि सच में सवाल उठाना लाज़मी लगता है.

इस इंग्लिश न्यूज़ चैनल की पहले से ही एक अलग छवि है, कारण, उसके एक पूर्व एंकर. अपने तड़कते-भड़कते डिबेट सेशंस के लिए जाने जाते थे ये. कई बार इस चैनल पर फ़िज़ूल के विवादों को हवा देने के आरोप लगे और यही आरोप एक बार फिर लग रहे हैं. या कहें, इस बार इस चैनल ने हद कर दी.

गुजरात चुनाव का रिज़ल्ट आने के बाद जब बाकी चैनल्स वोट्स का आंकलन कर रहे थे, इस चैनल ने एक Exclusive स्टिंग ऑपरेशन चलाया. ये स्टिंग ऑपरेशन था राहुल गांधी पर. इलेक्शन के रिज़ल्ट के बाद राहुल दिल्ली के किसी थिएटर में फ़िल्म देखने पहुंचे तो चैनल ने ये कह कर स्टिंग कर डाला कि दो राज्यों में बुरी हार के बाद पार्टी के हेड फ़िल्म देखने चले.

TRP के चक्कर में चैनल की एक टैलेंटेड रिपोर्टर थिएटर के स्टाफ़ से पूछताछ भी करने लगी कि राहुल कब आये थे, कौन सी फ़िल्म देखी. किस के साथ आये थे.

हर तरह से किरकिरी करवाने के बाद भी न्यूज़ चैनल ज़्यादा से ज़्यादा व्यूज़ के लिए ऐसी बेतुकी हरकतों पर आ जाते हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही हर तरफ़ चैनल की किरकिरी हो रही है. होनी भी चाहिए, क्योंकि आप इस हद तक किसी की निजी ज़िन्दगी में दखल नहीं दे सकते, चाहे वो देश का PM हो या विपक्ष का नेता.

मीडिया से विनती कर कह रहे हैं, इतना नीचे मत गिरो कि फिर उठ न पाओ.