देश में गरीबों के लिए कई तरह की सरकारी योजनाएं बनाई जाती है, लेकिन क्या सच में वो आसानी से उन सेवाओं का लाभ उठा पाते हैं, तो जवाब होगा नहीं. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पति-पत्नी की तस्वीर काफ़ी शेयर की जा रही है, जिसे देख कर किसी की भी आंखें नम हो जाएं.

मन बेचैन कर देने वाला ये दृश्य मथुरा का है और फ़ोटो में नज़र आ रही महिला का नाम बिमला देवी है. आप तस्वीर में देख सकते हैं किस तरह बिमला ने अपने दिव्यांग पति को अपने कंधों पर लटका रखा है. इसके साथ ही वो इसी हालत में कई दिनों से सरकारी अस्पताल के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन किसी ने भी उसकी मदद करना उचित नहीं समझा.

दरअसल, मथुरा के गीता विहार की रहने वाली बिमला के पति बदन सिंह को Nerve संबंधित बीमारी थी, जिस कारण ऑपरेशन के दौरान उनका एक पैर काटना पड़ा. एक पैर के सहारे ज़िंदगी गुजर बसर कर रहे बदन सिंह को अब व्हीलचेयर की ज़रूरत थी, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वो ख़ुद अपने पैसों से उसे ख़रीद सकें. यही वजह थी कि बिमला हर रोज़ दिव्यांग सर्टिफ़िकेट पाने के लिए सरकारी अस्पताल के चक्कर लगा रही थी, ताकि उनके पति को व्हीलचेयर मिल सके.

अपनी परेशानी का ज़िक्र करते हुए बिमला ने ANI को दिए हुए इंटरव्यू में बताया कि 'हम कई अलग-अलग कार्यलय गए, लेकिन अब तक दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं मिला.'
वहीं जब योगी सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी को बिमला की हालत के बारे में पता चला, तो उन्होंने कहा कि 'एक सभ्य देश में ये काफ़ी शर्मनाक बात है और मैं उनकी मदद करने की पूरी कोशिश करूंगा.'
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आखिरकार मंत्री जी का प्रयास रंग लाया और बदन सिंह को व्हीलचेयर मिल गई. ख़बरों के मुताबिक, बिमला के पति ट्रक चालक थे, जिसकी कमाई से उनकी घर-गृहस्थी चल रही थी, लेकिन पति के साथ हुए हादसे के बाद अब घर की सारी ज़िम्मेदारी बिमला पर आ गई.

बिमला जिस हिम्मत और बहादुरी के साथ हर रोज़ अपने पति के लिए भाग-दौड़ करती रहीं, उस हिम्मत को सलाम!

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