हर पिता का सपना होता है कि उसका बेटा आगे बढ़े, खूब तरक्की करे और दुनियाभर में उसके बच्चे का नाम हो और हर बच्चा अपने पिता के सपनों को पूरा करने के लिए हर मुमकिन कोशिश करता है. कुछ ऐसा ही सपना देखा था भारतीय महिला क्रिकेट की नई मेम्बर राजेश्वरी गायक्वाड के पिता ने.

बचपन में राजेश्वरी एक बेहतरीन बॉलीबॉल, Javelin और Discus Thrower खिलाड़ी थीं, लेकिन उनके पिता की इच्छा थी कि वो क्रिकेटर बनें. अपने पिता के सपने को साकार करने के लिए उन्होंने क्रिकेट को चुना. अपनी मेहनत से उन्होंने भारतीय महिला टीम में जगह बनाई. वर्ल्ड कप के अपने पहले मैच, जिसमें भारतीय टीम को अगले राउंड में जाने के लिए जीत ज़रूरी थी, ऐसे में उन्होंने इसकी ज़िम्मेदारी लेते हुए करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया. 7.2 ओवर की गेंदबाज़ी के दौरान राजेश्वरी ने महज 15 रन दे कर 5 विकेट हासिल किए.

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इस प्रदर्शन को उन्होंने अपने पिता को समर्पित किया. राजेश्वरी के पिता अपने सपने को पूरा होते देखने के लिए इस दुनिया में नहीं हैं. IPL का एक मैच देखने के दौरान उनको हार्ट अटैक आया था और उसी दौरान उनका निधन हो गया था.

राजेश्वरी अपने घर में सबसे छोटी हैं. उनकी बड़ी बहन भी हॉकी खिलाड़ी हैं, जबकि उनका एक भाई बैटमिंटन और एक बॉलीबॉल खिलाड़ी है.

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राजेश्वरी का मां का कहना है कि उनके पिता चाहते थे कि राजेश्वरी क्रिकेट में नाम कमाए और उसने अपने पिता के सपने को पूरा किया. आज वो इस कामयाबी को देखने के लिए हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वो जहां भी होंगे राजेश्वरी को आशिर्वाद ज़रूर दे रहे होंगें.

राजेश्वरी की शानदार गेंदबाज़ी के दम पर भारतीय टीम ने सेमीफ़ाइनल में जगह बना ली है. अब बस राजेश्वरी से उम्मीद है कि वो अपना ये बेहतरीन फ़ॉर्म जारी रखते हुए देश के लिए पहला महिला वर्ल्ड कप लाने में टीम की मदद करें. ये तो उनके पिता का भी सपना होगा.