32 वर्षीय शिल्पी अधिकारी ने अपने पति का क़त्ल कर दिया और एक कमरे के घर में दो दिन तक लाश के साथ रही. घटना दिल्ली के कापसहेड़ा इलाक़े की है. पति के क़त्ल के बाद महिला ने ऐसा नाटक किया कि वो क़त्ल के इल्ज़ाम से बच कर भी निकलने वाली थी, लेकिन तभी महिला के पति के अंतिमसंस्कार से चंद मिनट पहले ही पुलिस के एक मुखबिर ने लाश के गले पर गला घोंटने के निशान देख लिए.

दक्षिण पश्चिमी दिल्ली में रहने वाली शिल्पी ने मर्डर का एक परफ़ेक्ट प्लान बनाया था, लेकिन पुलिस के मुखबिर की पैनी नज़र ने उसका खेल ख़त्म कर डाला.

शिल्पी ने कहा कि उसने अपने पति की हत्या तो कर दी थी, लेकिन उसे समझ नहीं आ रहा था कि वो लाश को कहां ठिकाने लगाये.

दो दिन एक कमरे के घर में पति की लाश के साथ बिताने के बाद तीसरे दिन उसने अपने पड़ोसियों से कहा कि उसके पति की नींद में ही दिल के दौरे के कारण मृत्यु हो गयी है. शिल्पी पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और रॉयल बैंक ऑफ़ स्कॉटलैंड में सफ़ाई का काम करती है.

उसने ये प्लान एक हफ़्ते पहले ही बना लिया था. उसने वीकेंड का इंतज़ार किया. शिल्पी के अनुसार, उसका पति उसे दारु पीकर बुरी तरह पीटता था. शनिवार की रात खाना खाने के बाद उसने अपने पति नितीश को दारु दी. वो उसके लिए घर के पास की दुकान से ज़्यादा दारु ले कर आई थी. वो उसे देर रात तक दारु पिलाती रही. जब आधी रात को वो बेहोश हो गया, तो शिल्पी ने नितीश का गला घोंट दिया.

इसके बाद उसे समझ नहीं आया कि क्या करना चाहिए, तो 8x10 फ़ीट के छोटे से कमरे में लाश के साथ ही रही. 48 घंटों तक वो घर से बाहर नहीं निकली सोमवार की सुबह लगभग 9 बजे वो अपने घर के बाहर बैठ कर रोने लगी. आस-पास रहने वालों ने बताया कि शिल्पी बहुत ज़ोर-ज़ोर से रो रही थी. उसने सबसे कहा कि उसके पति को नींद में ही दिल का दौरा पड़ा और उसकी मृत्यु हो गयी. किसी को उस पर शक़ भी नहीं हुआ. शिल्पी और नितीश के 13 और 11 वर्षीय दो बच्चे हैं, जो पश्चिम बंगाल में अपनी नानी के पास रहते हैं.

लोगों ने ही उसे सलाह दी कि अंतिमसंस्कार जल्दी कर देना चाहिए, क्योंकि लाश में से गर्मी के कारण बदबू आने लगी थी. दोपहर तक लाश को श्मशान भूमि ले जाया गया. नितीश की लाश चिता पर रखी थी, तभी पुलिस के मुखबिर ने नितीश के शरीर पर निशान देख लिए. लाश से आ रही बदबू के कारण भी उसे शक़ हुआ था, जिसके चलते उसने इंस्पेक्टर आशीष दलाल को सूचना दी. इंस्पेक्टर दलाल ने मौके पर पहुंच कर अंतिमसंस्कार रुकवाया और लाश को पोस्टमोर्टेम के लिए भेज दिया.

उन्होंने बताया कि यदि वो 10-15 मिनट देरी से आते, तो लाश को जला दिया जाता और पुलिस के पास कोई सबूत नहीं बचता.

डॉक्टर्स ने पुलिस को बताया कि नितीश की मृत्यु 72 घंटे पहले गला दबाने के कारण हुई थी. पुलिस ने शिल्पी को गिरफ़्तार कर लिया है. शिल्पी ने क़बूल कर लिया है कि उसने अपने पति की हत्या उसकी मार-पिटाई और नशे की लत से तंग आकर की, जो पिछले कुछ महीनों से बहुत बढ़ गयी थी. 

Source: Hindustantimes