50 साल की उम्र में जहां लोग रिटायर होने की सोचते हैं वहीं राजस्थान की फ़ेमस लोक नृत्यांगना गुलोबा सपेरा एक डांस एकेडमी खोलने की सोच रही हैं. गुलाबो जी कालबेलिया डांसर हैं, उन्होंने देश-विदेश में कालबेलिया नृत्य को ख्याति दिलाई है. चलिए जानते हैं इनकी प्रेरणादायक कहानी.

Gulabo Sapera
Source: 30stades

गुलाबो सपेरा जी राजस्थान के सपेरा समुदाय से ताल्लुक रखती हैं. इनका परिवार पीढ़ियों से कालबेलिया डांस करता आ रहा है. इसमें एक शख़्स बीन बजाता है और उस पर औरतें सांप की तरह बलखाते/लहराते हुए नाचती हैं. कभी-कभी डांस के दौरान सांप को भी शामिल कर लिया जाता है.

बचपन में कबीले के लोगों ने की थी मारने की कोशिश

Sapera
Source: 30stades

गुलाबो सपेरा जी इस नृत्य में पारंगत हैं. वो बचपन से ही अपने पिता के साथ ये लोक नृत्य करने लगी थीं. गुलाबो जी ने एक इंटरव्यू में अपनी पूरी कहानी बयां की है. उन्होंने बताया कि जब वो जन्मीं थीं तब उन्हीं के कबीले के लोगों ने उन्हें ज़िंदा दफ़ना दिया था.

तब उनकी मासी ने गुलाबो को बचाया था. उनका असली नाम धनवंतरी है. दस साल की उम्र में वो पुष्कर मेले में कालबेलिया डांस करने लगी थीं. एक कार्यक्रम में राजस्थान के एक अधिकारी ने उनके डांस को देखा. इससे वो काफ़ी प्रभावित हुए फिर उन्होंने ख़त्म होने के कगार पर पहुंच चुके इस लोक नृत्य को देश-दुनिया तक पहुंचाना शुरू किया.

बॉलीवुड से बिग बॉस तक में कर चुकी हैं काम

Gulabo Sapera
Source: blogspot

राजस्थान सरकार की बदौलत गुलाबो जी देश-विदेश में अपनी कला का प्रदर्शन करने में कामयाब रहीं. गुलाबो जी कई बॉलीवुड फ़िल्मों में काम कर चुकी हैं. इनमें बंटवारा, क्षत्रिय, अजूबा जैसी मूवीज़ के नाम शामिल हैं. यही नहीं वो फ़ेमस रियलिटी शो बिग बॉस-5 में बतौर कंटेस्टेंट हिस्सा भी ले चुकी हैं.

पद्मश्री से हो चुकी हैं सम्मानित

Gulabo Sapera
Source: wikipedia

2016 में इन्हें कला और संस्कृति के क्षेत्र अतुलनीय कार्य करने के लिए पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इन्हें ये पुरस्कार दिल्ली में एक कार्यक्रम में दिया था. इनकी बेटी राखी सपेरा भी उनकी कला को आगे ले जा रही हैं. वो राजस्थानी फ़िल्मों में भी कालबेलिया डांस की प्रस्तुती दे चुकी हैं.

गुलाबो जी का सपना है कि वो राजस्थान की इस लोककला को आगे की पीढ़ी को सौंपें. इसके लिए वो एक डांस एकेडमी खोलने का सपना देख रही हैं. इस पर काम जारी है.