चीनू काला! बिज़नेस वर्ल्ड में ये नाम आज किसी परिचय का मोहताज़ नहीं है. चीनू 'Rubans Accessories' की फ़ाउंडर हैं. ये कंपनी भारत में आर्टिफ़िशियल ज्वेलरीज़ के लिए काफ़ी मशहूर है. चीनू ने साल 2014 में इसकी शुरुआत की थी. बेंगलुरु में स्टार्ट हुए इस बिज़नेस का विस्तार अब दिल्ली, कोच्चि और हैदराबाद तक फैल चुका है.

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जेब में 300 रुपये लेकर घर छोड़ दिया था  

मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली चीनू ने पारिवारिक तनाव के चलते महज़ 15 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था. इतनी छोटी सी उम्र में घर छोड़ देने की वजह से चीनू ज़्यादा शिक्षा प्राप्त नहीं कर पायी थीं. वो जब घर से निकली थीं तब उनकी जेब में केवल 300 रुपये थे. इसी में उन्हें अपना गुज़रा करना था.  

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चीनू ने घर तो छोड़ दिया, लेकिन उनके पास न तो रहने के लिए छत थी और न ही खाने के लिए जेब में पैसे. कुछ कपड़ों और एक जोड़ी चप्पल के साथ घर से निकली चीनू ने बड़ी मशक्कत के बाद एक ठिकाना ढूंढा जहां हर रात गद्दे का 20 रुपये किराया लगता था. इस बीच वो कई दिन तक नौकरी ढूंढती रहीं, लेकिन कहीं मौक़ा नहीं मिल पाया.  

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सेल्सगर्ल के तौर पर घर घर जाकर बेचे चाक़ू  

कुछ दिन बाद सेल्सगर्ल की एक नौकरी हाथ लगी जिसमें वो घर-घर जाकर चाकू के सेट आदि सामान बेचती थीं. सेल्सगर्ल की इस नौकरी से उन्हें हर दिन 20 से 60 रुपये की कमाई हो जाती थी. चीनू के लिए सेल्सगर्ल का काम इतना भी आसान नहीं था क्योंकि जब वो सामान बेचने घर-घर जाती थी तो लोग उन्हें देखते ही दरवाज़े बंद कर देते थे, लेकिन चीनू अपना मनोबल गिरने नहीं दिया और वो पहले से ज़्यादा मजबूत होती चली गईं.  

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इस दौरान चीनू ने काम अच्छा किया और 1 साल बाद ही उन्हें प्रमोशन मिल गया. महज 16 साल की उम्र में वो सुपरवाइजर बन गयीं और अपने अंडर 3 लड़कियों को ट्रेनिंग देने लगीं. अब उन्हें पहले से ज़्यादा पैसे भी मिलने लगे थे, लेकिन कुछ साल बाद ये नौकरी छूट गई. इसके बाद वो एक रेस्टोरेंट में बतौर वेट्रेस काम करने लगीं.  

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अगले 3 सालों में उन्होंने ख़ुद को आर्थिक रूप से स्थिर कर लिया था. इस बीच उन्होंने कुछ बड़ी कंपनियों के साथ भी काम किया. अब वो अपनी ज़िंदगी में सफ़ल हो चुकी थीं. साल 2004 में उनकी ज़िन्दगी ने एक नया मोड़ लिया, उन्होंने अमित काला से शादी की. जो आगे चलकर चीनू का एक बड़ा सहारा बने. शादी के बाद चीनू बेंगलुरु शिफ्ट हो गईं. 

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द बेटर इंडिया से बातचीत में चीनू ने बताया कि वो हमेशा से एक बिज़नेस पर्सन बनना चाहती थीं. हालांकि, एक समय ऐसा भी तब जब उनके लिए सफलता का मतलब था दो वक़्त की रोटी का जुगाड़. आज मैं जो कुछ भी हासिल कर पाई हूं उससे बेहद ख़ुश हूं.  

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मिसेज इंडिया पेजेंट के फ़ाइनल में पहुंची  

39 वर्षीय चीनू काला ने साल 2008 में दोस्तों के कहने पर 'ग्लैडरैग्स मिसेज इंडिया पेजेंट' में भाग लिया. इस दौरान प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागी पढ़े लिखे थे, जबकि चीनू के मामले में ऐसा नहीं था. इन सब के बावज़ूद उन्होंने ख़ुद को कमज़ोर नहीं पड़ने दिया और पूरे कॉन्फिडेंस के साथ आगे बढ़ीं. इस दौरान वो फ़ाइनल तक पहुंची थीं.  

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'मिसेज इंडिया पेजेंट' में भाग लेने के साथ ही उनके लिए कई अवसरों के दरवाज़े भी खुल चुके थे. अब चीनू फ़ैशन जगत में एक मॉडल बन चुकी थीं. इस दौरान उन्होंने फ़ैशन इंडस्ट्री में 'फ़ैशन ज्वेलरी' के बीच फासले को अनुभव किया. बस फिर क्या था! इसी के साथ उन्होंने अपनी सारी सेविंग्स का इस्तेमाल करके 'Rubans Accessories' की शुरुआत कर दी. 

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यूनीक और प्रीमियम लाइफ़स्टाइल प्रोडक्ट

चीनू को शुरुआत में उतार चढ़ाव सामना करना पड़ा, लेकिन अब वो मार्किट में अपनी पैठ बना चुकी हैं. Rubans की एथनिक और वेस्टर्न ज्वेलरी की क़ीमत 229 से 10,000 रुपयों के बीच होती है. साल 2018 में उनकी कंपनी का रेवेन्यू कुल 7.5 करोड़ रुपये रहा. आज चीनू के साथ 100 से अधिक लोग काम करते हैं.  

ज़मीन से उठकर शिखर तक पहुंचने की ये कहानी करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करती है.