‘समझदार जानते हैं कि हर पानी की बोतल Bisleri नहीं’
टीवी विज्ञापनों में बिसलेरी (Bisleri) की ये टैग लाइन आपने ख़ूब सुनी ही होगी. लेकिन अब ये टैग लाइन हमेशा-हमेशा के लिए बदलने जा रही है. दरअसल, बिसलेरी (Bisleri) कंपनी बिकने जा रही है. दरअसल, इसके मालिक रमेश चौहान (Ramesh Chauhan) ने ‘बिसलेरी’ को ‘टाटा कंपनी’ को बेचने का फ़ैसला किया है. ये डील 6000 से 7000 करोड़ रुपये के बीच होने की बात कही जा रही है. इसके पीछे की वजह जयंती चौहान (Jayanti Chauhan) हैं.

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भारत में आज पानी का मतलब बिसलेरी (Bisleri) बन गया है. बिसलेरी हिन्दुस्तान में अपनी ऐसी पकड़ बनाई है कि कई लोग तो ‘प्यूरीफ़ाई वाटर’ को भी ‘बिसलरी वाटर’ ही कहते हैं. बिसलेरी का इतिहास क़रीब 5 दशक पुराना है. इससे आप समझ ही गए होंगे कि Bisleri वाक़ई में भारत का सबसे भरोसेमंद और नंबर 1 मिनरल वाटर ब्रांड है. बिसलेरी (Bisleri) के मालिक रमेश चौहान अब 82 साल के हो चुके हैं और अब कंपनी को बेचना चाहते हैं.

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बिसलेरी (Bisleri) की स्थापना

बिसलेरी (Bisleri) की स्थापना सबसे पहले इटैलियन बिज़नेसमैन Felice Bisleri ने मिलान में की थी. सन 1921 में Felice Bisleri बिसलेरी की मौत के बाद ‘बिसलेरी कंपनी’ के फ़ैमिली डॉक्टर रोजिज इसके मालिक बन गए. बिसलेरी शुरुआत में मलेरिया के इलाज़ के लिए दवा बनाने वाली कंपनी हुआ करती थी. इस दौरान कंपनी की मुंबई में भी एक शाखा हुआ करती थी. सन 1965 में खुसरू संतुक ने मुंबई के ठाणे इलाक़े में ‘बिसलेरी वाटर प्लांट’ स्थापित किया गया.

Bisleri को Parle ने ख़रीदा  

सन 1969 में Parle कंपनी के मालिक ‘चौहान ब्रदर्स’ ने बिसलेरी (इंडिया) लिमिटेड को 4 लाख रुपये में ख़रीद लिया. ‘चौहान ब्रदर्स’ ने जब ‘बिसलेरी’ ख़रीदी थी तब इसके देशभर में केवल 5 स्टोर ही थे. इनमें से 4 मुंबई में और 1 कोलकाता में था. देश में पहली बार इस ब्रांड ने ही बोलतबंद पानी बेचने की शुरुआत की थी. इसका श्रेय रमेश चौहान (Ramesh Chauhan) को जाता है. इसके बाद रमेश चौहान (Ramesh Chauhan) ने ‘बिसलेरी’ इस कंपनी को बनाने में अपनी जवानी से लेकर बुढ़ापा तक खपा दिया. रमेश चौहान ने 28 साल की उम्र में इस कंपनी की शुरुआत की थी. 

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बिसलेरी (Bisleri) आज एक इंटरनेशनल ब्रांड बन चुका है. कंपनी मुनाफे में है और कारोबार भी साल-दर-साल बढ़ रहा है. भारत में पैकेज्ड वाटर का मार्केट 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का है. इसमें से 60 फ़ीसदी हिस्सा असंगठित है. बिस्लेरी की संगठित बाज़ार में हिस्सेदारी क़रीब 32 फ़ीसदी है. मतलब देश में हर तीसरा पानी बोतल बिसलेरी का बिकता है. बावजूद इसके आख़िर वो क्या वजह है जो इसके मालिक इसे बेचना छह रहे हैं. 

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक़, बिसलेरी (Bisleri) के मालिक रमेश चौहान की उम्र 82 साल हो गई है. बढ़ती उम्र और ख़राब स्वास्थ्य की वजह से उन्होंने कंपनी को बेचने को फ़ैसला किया है. क्योंकि भविष्य में कंपनी को संभालने वाला उनका कोई उत्तराधिकारी नहीं है.

कौन हैं जयंती चौहान?

बिसलेरी (Bisleri) के मालिक रमेश चौहान की एक बेटी हैं, जिनका नाम जयंती चौहान (Jayanti Chauhan) है. 37 साल की जयंती ‘लंदन कॉलेज ऑफ़ फ़ैशन’ से ग्रेजुएट हैं और वर्तमान में ‘बिसलेरी इंटरनेशनल’ की वाइस चेयरपर्सन हैं. रमेश चौहान ने केवल 24 की उम्र में ही जयंती को कंपनी बड़ी ज़िम्मेदारी सौंप दी थी. दिल्ली ऑफ़िस से शुरुआत करने वाली जयंती ने साल 2011 में मुंबई कार्यालय का ज़िम्मा भी संभाल लिया था. इसके बाद बिसलेरी को ‘इंटरनेशनल ब्रांड’ बनाने में जयंती की बड़ी भूमिका रही.  

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इन बड़े कॉलेजों से पढ़ी हैं जयंती

जयंती चौहान (Jayanti Chauhan) का अधिकांश बचपन दिल्ली, मुंबई और न्यूयॉर्क सिटी में बीता है. हाई स्कूल करने के बाद जयंती ने लॉस एंजिल्स के Fashion Institute of Design and Merchandising (FIDM) में दाखिला ले लिया था. इसके बाद वो फ़ैशन स्टाइलिंग करने Istituto Marangoni Milano चली गईं. आख़िर में ‘लंदन कॉलेज ऑफ़ फ़ैशन’ से फ़ैशन स्टाइलिंग और फ़ोटोग्राफ़ी की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा उन्होंने लंदन यूनिवर्सिटी के School of Oriental and African Studies से अरबी में डिग्री भी प्राप्त की है.

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जयंती की अब बिज़नेस में नहीं है दिलचस्पी

रमेश चौहान द्वारा बिसलेरी को बेचने के पीछे दिये गये कारणों में से एक उनकी बेटी जयंती की इस बिज़नेस में कम दिलचस्पी को बताया जा रहा है. वर्तमान में ‘बिसलेरी इंटरनेशनल’ की वाइस चेयरपर्सन जयंती चौहान (Jayanti Chauhan) को अब इस बिज़नेस में ज़्यादा दिलचस्पी नहीं है. वो ‘लंदन कॉलेज ऑफ़ फ़ैशन’ से ग्रेजुएट हैं इसलिए अब इसी फ़ील्ड में अपना नया बिज़नेस शुरू करना चाहती हैं. जयंती चौहान फ़िलहाल लंदन में ही रहती हैं. 

बिसलेरी (Bisleri) के चेयरमैन और एमडी पद की ज़िम्मेदारी अब भी रमेश चौहान (Ramesh Chauhan) के कंधों पर ही है. वहीं उनकी पत्नी ज़ैनब चौहान (Zainab Chauhan) कंपनी की डायरेक्टर हैं.

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