पिछले दिनों प्लास्टिक को खाने वाले एन्ज़ाइम की खोज की गई थी और अब प्लास्टिक से भरे पड़े महासागरों को इससे निजात दिलाने की बारी है. नीदरलैंड के एक वैज्ञानिक ने दुनिया की पहली Ocean Plastic-Cleaning Machine तैयार की है, जिसे बहुत जल्दी ही प्रशांत महासागर में उतारा जाएगा.

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आंकड़ों के मुताबिक, 8 मिलियन टन प्लास्टिक हर वर्ष समुद्रों में फेंका जाता है. इसका असर अब समुद्री जीवों की मौत की ख़बरों के रूप में सामने आने लगा है. इसी को ध्यान में रखते हुए Ocean Plastic-Cleaning Machine को तैयार किया गया है.

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The Ocean Cleanup नाम की एक टेक्नोलॉज़ी फ़र्म ने इसे बनाया है. इसकी खोज Boyan Slat ने अपनी इंज़ीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान की थी. ये एक यू-शेप की तैरने वाली ट्यूब जैसी मशीन है, जो तकरीबन 2000 फ़ीट लंबी है. इसे इस तरह से बनाया गया है कि ये समुद्र की लहरों के साथ ख़ुद को अडजस्ट कर सके.

ऐसे एकत्र करेगी प्लास्टिक

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40 फ़ीट की कई ट्यूब्स को जोड़कर इसे बनाया गया है, जिसे समुद्र तल में छोड़ा जाएगा. इनमें Nylon Screens लगी हैं, जो महासागर की लहरों के साथ इकट्ठे हुए प्लास्टिक को अपने अंदर समाहित कर लेंगी. हालांकि, ये महीन प्लास्टिक के टुकड़ों को कैद करने में सक्षम नहीं है. हर 1.5 महीने बाद, इसमें एकत्रित हुए प्लास्टिक के कचरे को बोट द्वारा निकाल लिया जाएगा. मछलियां इसके नीचे आसानी से तैर सकती हैं, इसलिए समुद्री जीवों को इससे कोई हानि नहीं होगी.

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इस बारे में Boyan कहते हैं, प्लास्टिक कि समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं हो सकता, ज़्यादातर लोगों की सोच यही है. उन्हें लगता है कि हम इस सिचुएशन को बद से बदतर न करें बस. ये सोच मुझे काफ़ी हतोत्साहित करती है.

कुछ हफ्तों के अंदर ही इसे San Francisco की खाड़ी में उतारा जाएगा, यहां तकरीबन 1.7 ट्रिलियन प्लास्टिक का कचरा मौजूद है. ये जुलाई तक काम करने लगेगी. इसके बाद ऐसी ही और ट्यूब्स को बाकी के महासागरों में भी उतारा जाएगा.

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