कॉलेज या ऑफ़िस में आपके कई ऐसे दोस्त होंगे, जिनके लिए Chill करने का मतलब स्टफ़, OCB पेपर और मलाना क्रीम से होगा. अगर आप सोचते हैं कि इस मामले आपके दोस्त ही आगे हैं, तो Seedo की ये स्टडी आपको ज़रूर पढ़नी चाहिए.

इज़राइल की कंपनी Seedo असल में उन उपकरणों को बेचने का काम करती है, जिसके ज़रिये आप घर पर ही अपना स्टफ़, सामान्य भाषा में Weed ऊगा सकते हैं. Seedo ने हाल ही में एक स्टडी की है, जिसमें दुनिया के उन 120 शहरों को शामिल किया है, जो Weed का इस्तेमाल करने में सबसे आगे हैं. इस स्टडी में दिल्ली को तीसरे, जबकि मुंबई को छठे स्थान पर जगह दी गई है.

इस स्टडी के मुताबिक, दिल्ली हर साल 38.26 मीट्रिक टन Marijuana का इस्तेमाल करता है. वहीं मुंबई में 32.38 मीट्रिक टन गांजे खपत है. इस स्टडी में न्यूयॉर्क पहले स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान का कराची दूसरे नंबर पर अपनी जगह बनाये हुए है.

दक्षिण एशिया के इन शहरों में दुनिया को सबसे सस्ते दामों पर गांजा मिल जाता है. नॉर्मल क्वालिटी का गांजा 4 से 5 डॉलर प्रति ग्राम के हिसाब से मिल जाता है. वहीं अच्छी क्वालिटी के गांजे की कीमत 3000 रुपये प्रति 10 ग्राम है. हिंदुस्तान में बैन होने के बावजूद ये आसानी से पहाड़ी इलाकों में मिल जाता है. मुख्यतः इसकी खेती औद्योगिक प्रयोजनों के लिए की जाती है. हिंदुस्तान में इसका अवैध इस्तेमाल आपको सलाखों के पीछे भेज सकता है.

हालांकि कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो इसे वैध करने को ले कर अभियान चला रहे हैं. ऐसे ही लोगों में से एक हैं पटियाला के सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी, जिन्होंने 2015 में संसद में इसे लीगल करने को लेकर अपना वक्तव्य भी रखा था.

ख़ैर ये कब लीगल होगा ये तो पता नहीं, इसलिए जब तक जैसा चल रहा है चलने दो.

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Source: IndiaTimes